लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) का 11वां दीक्षांत समारोह-2026 आगामी 29 अगस्त को आयोजित किया जाएगा। समारोह में वर्ष 2023, 2024, 2025 और 2026 में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने दीक्षांत समारोह को दो चरणों में आयोजित करने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार प्रथम चरण का आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में होगा। इस दौरान पीएचडी एवं गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। समारोह में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से वैध दीक्षांत पास जारी किया जाएगा। मुख्य समारोह के दौरान मंच पर प्रत्येक वर्ष के विश्वविद्यालय टॉपर और आरडी सोनकर अवार्ड प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की जाएगी। वहीं अन्य पंजीकृत विद्यार्थियों को उनकी उपाधियां संबंधित विभागों में आयोजित होने वाले द्वितीय चरण में प्रदान की जाएंगी। द्वितीय चरण का आयोजन दोपहर दो बजे से संबंधित विभागों में होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों को उपाधि प्राप्तकर्ताओं और अन्य अधिकृत प्रतिभागियों के लिए पर्याप्त एवं उचित बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विद्यार्थी निर्धारित समय पर उपाधि वितरण कार्यक्रम में शामिल हो सकें। दीक्षांत समारोह के दौरान सुरक्षा और अनुशासन को लेकर भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। दोपहर एक बजे के बाद संबंधित विभागों में प्रवेश केवल पंजीकृत अभ्यर्थियों को दीक्षांत पास के सत्यापन के बाद ही दिया जाएगा। विद्यार्थियों की पहचान और पास का अनिवार्य सत्यापन किए जाने के बाद ही प्रवेश की अनुमति होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित विभागों, फूड कमेटी, सुरक्षा अधिकारी और सैनिटेशन प्रभारी को आपसी समन्वय के साथ दोनों चरणों का सुचारु एवं व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा नियंत्रक प्रो. विक्रम सिंह यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों, समिति सदस्यों और विभागाध्यक्षों से अधिसूचना में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए निर्धारित समयसीमा में आवश्यक तैयारियां पूरी करने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि दो चरणों में आयोजन का उद्देश्य बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को देखते हुए उपाधि और पुरस्कार वितरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित, सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराना है।
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