Thursday, August 20, 2026
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जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का मनाया गया मोक्ष निर्वाण महोत्सव

फिरोजाबाद। नगर के विभिन्न जैन मंदिरों में जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष निर्वाण महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। आचार्य निर्भय सागर एवं गुरु मां आर्यिका विजयमती माता के ससंघ पावन सानिध्य में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान पार्श्वनाथ के चरणों में निर्वाण लाडू अर्पित किया। मोक्ष निर्वाण महोत्सव के अवसर पर तड़के से ही नगर के विभिन्न जिनालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिरों में दिनभर धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा तथा भगवान पार्श्वनाथ के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाकर भगवान पार्श्वनाथ का स्मरण किया। आचार्य निर्भय सागर एवं गुरु मां विजयमती माता के सानिध्य में पार्श्वनाथ दिगंबर जैन जिनालय जैननगर खेड़ा, चंद्रप्रभु जिनालय, बाहुबली दिगंबर जैन जिनालय, शांतिनाथ दिगंबर जैन जिनालय विभव नगर, वासुपूज्य जिनालय महावीर नगर, शीतलनाथ दिगंबर जैन जिनालय रतनत्रय नसिया तथा सेठ छदामीलाल महावीर जैन मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए।

इस अवसर पर आचार्य निर्भय सागर एवं गुरु मां विजयमती माता ने भगवान पार्श्वनाथ के जीवन दर्शन और उनके उपसर्ग विजेता स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान पार्श्वनाथ का जीवन क्षमा, अहिंसा, सहनशीलता और तपस्या की प्रेरणा देता है। उन्होंने घोर उपसर्गों को सहन करते हुए आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। उनके सिद्धांतों को जीवन में अपनाकर आत्मशुद्धि की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।