मथुरा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने राया रेलवे फाटक पर कार्रवाई करते हुए दूध से भरे टैंकर का निरीक्षण किया। गुणवत्ता पर संदेह होने के बाद टैंकर में भरे करीब 2000 लीटर दूध को जनहित में नष्ट करा दिया गया। नष्ट किए गए दूध की अनुमानित कीमत करीब 1.20 लाख रुपये बताई गई है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के आदेश के अनुपालन में सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. जतिन कुमार सिंह के निर्देशन एवं नेतृत्व में खाद्य सचल दल ने यह कार्रवाई की। टीम ने राया रेलवे फाटक पर दूध टैंकर संख्या यूपी 86 एटी 0875 को रोककर निरीक्षण किया।
टैंकर चालक हेमनेस कुमार ने टीम को बताया कि टैंकर में 2000 लीटर दूध गोपाल डेयरी, सिकंदराराऊ, हाथरस से लाया गया है। हालांकि, चालक दूध के क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। दूध की गुणवत्ता पर संदेह होने पर राया स्थित एक डेयरी पर टैंकर में भरे दूध की त्वरित जांच की गई। जांच के दौरान दूध में स्टार्च की मौजूदगी तथा फैट की मात्रा कम होने के संकेत मिले। इसके बाद खाद्य सुरक्षा टीम ने दूध का नमूना लेकर जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया। सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शेष दूध को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। अधिकारियों के अनुसार प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सिंह और जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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