Friday, September 4, 2026
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मनीष ब्रह्मभट्ट ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक’ लॉन्च की

कविता पंत: नई दिल्ली। काकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक के संस्थापक मनीष ब्रह्मभट्ट ने आज नए राजनीतिक मंच को शुरू करने के साथ घोषणा की कि यह पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक निर्णय लेने पर ध्यान केन्द्रित करेगा। अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी-डी के मनीष ब्रह्मभट्ट ने कहा कि यह नया गुट सीजेपी से ही निकला है। हम जल्द ही अपना समर्थन दिखाने के लिए एक वॉलंटियर रैली आयोजित करेंगे। नए गुट ने केजरीवाल पर सीजेपी आंदोलन हैक करने का आरोप लगाया है। ब्रह्मभट्ट ने कहा कि लोग सोशल मीडिया अकाउंट, व्हाट्सऐप और मिस्ड कॉल सुविधा के माध्यम से प्लेटफॉर्म से जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, “हम ‘कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक’ लॉन्च कर रहे हैं। आज हम राष्ट्रव्यापी सोशल मीडिया अकाउंट, व्हाट्सऐप नंबर और मिस्ड कॉल नंबर जारी कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से एक राष्ट्रीय टीम बनाने का प्रयास करेगा, जिसमें सदस्य महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल होंगे। ब्रह्मभट्ट ने कहा कि जो कोई पारदर्शिता और जवाबदेही का समर्थन करता है और मानता है कि जवाबदेही केवल सरकार पर ही नहीं, बल्कि टीम पर भी लागू होनी चाहिए, वह इसमें शामिल हो सकता है। उन्होंने काकरोच जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि राजनीतिक हित धीरे-धीरे उस आंदोलन पर हावी हो गए, जिसे जन आंदोलन बताया गया था। आंदोलन में शामिल लोगों को यह समझाने के प्रयास किए गए थे कि यह आंदोलन देश का है और इसे किसी व्यक्ति विशेष के इर्द-गिर्द केन्द्रित नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे देश का आंदोलन बताते हुए कहा कि देश जाग उठा है। लोकतांत्रिक तरीके से देश की टीम बनाने की कोशिश की जानी चाहिए। अपनी टीम बनाई जाए, लेकिन उसे केजरीवाल की टीम नहीं बनने दिया जाए। भ्रष्टाचार विरोधी पूर्व अभियानों का जिक्र करते हुए ब्रह्मभट्ट ने कहा कि उनके समूह ने किसी विशेष राजनीतिक दल के बजाय मुद्दों का समर्थन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि नया मंच भ्रष्टाचार और जिसे उन्होंने “गटर प्रणाली” कहा, उसके खिलाफ आवाज उठाएगा, चाहे इसमें कोई भी राजनीतिक दल या सरकार शामिल हो। ब्रह्मभट्ट ने एक अन्य राजनीतिक टीम के गठन की प्रक्रिया की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि स्वयंसेवकों से ठीक से परामर्श नहीं किया गया और चुनिंदा व्यक्तियों को प्राथमिकता दी गई। ब्रह्मभट्ट ने कहा कि उनका मकसद सिर्फ एक पार्टी को हराना है। जनता की आवाज़ बनने या किसी भी भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने का उनका कोई इरादा नहीं है, चाहे इसमें कोई पार्टी या राज्य शामिल हो। इसीलिए आज हम कॉकरोच जनता पार्टी डेमोक्रेटिक की स्थापना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन की राष्ट्रीय टीम का चयन लोकतांत्रिक प्रक्रिया से किया जाएगा और उन्होंने निर्णय लेने में पारदर्शिता का वादा किया। हमारा हर फैसला पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से, सभी की राय लेने के बाद लिया जाएगा। यह हमारा सभी से और देश से वादा है। कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) मजाक के तौर पर शुरू हुआ एक ऑनलाइन कैंपेन था, जो कुछ ही दिनों में जमीन पर बड़े प्रोटेस्ट में तब्दील हो गया। देखते ही देखते भारत के लाखों युवा, नाराज छात्र इस प्रोटेस्ट से जुड़ते चले गए और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछने शुरू कर दिए।

सीजेपी की शुरुआत मई में अभिजीत दिपके नाम के शख्स ने की। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान भारत के चीफ जस्टिस ने देश के बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘परजीवी’ और ‘कॉकरोच’ से की थी। इसी कमेंट से नाराज होकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का सोशल मीडिया हैंडल बनाया गया, जिसने धीरे-धीरे बड़े आंदोलन का रूप ले लिया। सीजेपी को देश भर से समर्थन मिला और आखिरकार छात्रों की मांग को स्वीकार करते हुए केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।