हाथरस। विकासखंड मुरसान के उच्च प्राथमिक विद्यालय मथु में पढ़ने वाले बच्चों के लिए स्कूल तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। विद्यालय का मुख्य रास्ता कीचड़, दलदल और जलभराव के चलते इस कदर बदहाल है कि छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सुरक्षित पहुंचने के लिए आसपास के प्लॉटों से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्कूल के अंदर की व्यवस्थाएं भले ही ठीक मिलीं, लेकिन विद्यालय तक पहुंचने वाले रास्ते की बदहाली ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जानकारी मिलने पर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (एडीएचआर) की टीम ने राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय के नेतृत्व में विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की निकासी का रास्ता अवरुद्ध होने के कारण जलभराव की समस्या बनी हुई है। बारिश के बाद रास्ते की स्थिति और भी खराब हो जाती है।
निरीक्षण के बाद एडीएचआर टीम ने एसडीएम सदर राज बहादुर से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया। टीम ने चकरोड की राजस्व विभाग से पैमाइश कराने, रास्ते को सुचारु कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की। इसके बाद विकासखंड कार्यालय मुरसान पहुंचकर अधिकारियों से भी वार्ता की गई। बताया गया कि खंड विकास अधिकारी मुरसान की ओर से चकरोड की पैमाइश के लिए एसडीएम को पत्र भेजा जा चुका है। प्रवीन वार्ष्णेय ने कहा कि बच्चों को प्लॉटों और कीचड़-दलदल के बीच से होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है, जो गंभीर स्थिति है। उन्होंने प्रशासन से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित विद्यालय पहुंचने का रास्ता उपलब्ध कराना भी शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान रवि गुप्ता, बाल प्रकाश वार्ष्णेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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