Friday, September 4, 2026
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कान की जांच, टिनिटस और नवजातों की सुनने की क्षमता पर विशेषज्ञों ने किया मंथन

अलीगढ़। स्पेक्ट्रा प्लस हियरिंग एंड स्पीच क्लिनिक की ओर से शुक्रवार को होटल ऑर्चिड ब्लू में ईएनटी विशेषज्ञों के लिए सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कान की सुनने की क्षमता की जांच, टिनिटस, नवजात शिशुओं की सुनने की जांच और आधुनिक श्रवण यंत्र तकनीक से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य वक्ता डॉ. एस.सी. शर्मा, पूर्व प्रिंसिपल जे.एन. मेडिकल कॉलेज, एएमयू और विशिष्ट अतिथि डॉ. भरत वार्ष्णेय, अध्यक्ष आईएमए अलीगढ़ ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन नितिन नैयर ने किया। डॉ. एस.सी. शर्मा ने टिनिटस पर चर्चा करते हुए बताया कि इसमें मरीज को कान में सीटी, घंटी, भनभनाहट या अन्य तरह की आवाज सुनाई दे सकती है। उन्होंने इसके संभावित कारणों, सही जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन के साथ टिनिटस से प्रभावित मरीजों में श्रवण परीक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। सीएमई में नवजात शिशुओं की सुनने की क्षमता की शुरुआती जांच में इस्तेमाल होने वाली ओटोअकॉस्टिक एमिशंस (ओएई) जैसी तकनीकों की भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने सभी नवजात शिशुओं की समय पर जांच के साथ एनआईसीयू में भर्ती रहे बच्चों, समय से पहले जन्मे बच्चों, उच्च जोखिम वाले शिशुओं, सुनने की क्षमता को लेकर अभिभावकों की चिंता वाले बच्चों और बोलने या भाषा विकास में देरी वाले बच्चों की जांच को महत्वपूर्ण बताया।

आधुनिक श्रवण यंत्रों में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों पर भी विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया। चर्चा में कहा गया कि श्रवण यंत्र का चयन केवल कीमत या तकनीकी विशेषताओं के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। मरीज की श्रवण क्षमता में कमी, उम्र, जीवनशैली, संवाद की जरूरत और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर उपयुक्त उपकरण का चयन किया जाना चाहिए। स्पेक्ट्रा प्लस के डीजीएम नितिन नैयर ने कहा कि ईएनटी विशेषज्ञों, श्रवण विशेषज्ञों और हियरिंग केयर प्रोफेशनल्स के बीच बेहतर समन्वय से मरीजों को श्रवण समस्या की पहचान से लेकर पुनर्वास और आगे की देखभाल तक बेहतर सेवाएं दी जा सकती हैं। कार्यक्रम में चिकित्सकों और विशेषज्ञों के बीच प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ। इसमें रोजमर्रा के चिकित्सा अभ्यास में सामने आने वाली कान संबंधी समस्याओं और विभिन्न क्लिनिकल परिस्थितियों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर डॉ. एस.सी. शर्मा को डॉ. भरत वार्ष्णेय ने स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। वहीं डॉ. भरत वार्ष्णेय को सेंटर हेड सौरभ चौधरी ने स्मृति चिह्न प्रदान किया। कार्यक्रम में राकेश कुमार (बीडीएम), डॉ. के. चंद्रा, डॉ. नरेश शर्मा, डॉ. प्रसून वार्ष्णेय, डॉ. प्रवीण गर्ग, डॉ. अभिनव गुप्ता, डॉ. पवन अग्रवाल, डॉ. एम.पी. सिंह, डॉ. नितिन अग्रवाल, डॉ. चंद्रेश भाटिया, डॉ. जितेंद्र वार्ष्णेय, डॉ. समीउल्लाह, डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। स्पेक्ट्रा प्लस की दिल्ली टीम से मयंक अग्रवाल, रोहित पांडे, दिल्ली-एनसीआर हेड बिजनेस और गुनीत सिंह, सोशल मीडिया मैनेजर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। अंत में वक्ताओं और चेयरपर्सन्स का अभिनंदन किया गया। आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया।