➤ छात्र-छात्राओं ने पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से दिया शिक्षा का संदेश
सलोन, रायबरेली। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिजवलिया में पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से शिक्षा एवं साक्षरता का संदेश दिया। छात्र आदर्श कुमार ने पोस्टर पर स्लोगन लिखा, “दुनिया एक विद्यालय है, गांव-शहर एक कक्षा है, सबको शिक्षित करना है, मेरी मंजिल शिक्षा है।” छात्र आदित्य रौनक सैनी ने लिखा, “पढ़ ले भैया, पढ़ ले बहना, साक्षर तो क्या कहना।” वहीं छात्राओं दिव्यांशी, आशी और कशिश ने पोस्टर के माध्यम से शिक्षा का संदेश देते हुए लिखा, “गौतम गांधी और सुभाष से जीवन के अरमान सजा लो, पहचानो अक्षर-अक्षर, मां के सब उद्गार सजा लो।”
विद्यालय के पूर्व प्रधानाध्यापक मोहम्मद जहदी ने साक्षरता के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। सेवानिवृत्त शिक्षक संघ के जिला मीडिया प्रभारी मोहम्मद इस्माइल खान ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस प्रत्येक वर्ष 8 सितंबर को दुनियाभर में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य व्यक्ति, समाज और समुदाय के विकास में शिक्षा एवं साक्षरता के महत्व को रेखांकित करना है। उन्होंने नारी शिक्षा पर जोर देते हुए कहा—
“ज्ञान का सागर इतना गहरा, जिसका कोई अनुमान नहीं,
प्रौढ़ अवस्था में भी शिक्षित होने में अपमान नहीं।”
विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश चंद्र शर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी विद्यार्थी अपने-अपने घरों में माता-पिता और पड़ोसियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करें। इस अवसर पर सभी ने साक्षरता दिवस की शपथ लेते हुए अपने-अपने गांव में निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विद्यालय की शिक्षिका गीता शर्मा, सुरेंद्र कुमार, विवेक कुमार, दिव्य प्रताप, हरिकृष्ण शर्मा सहित समस्त विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।
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