रायबरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत रायबरेली में टीबी उन्मूलन अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए महत्वपूर्ण पहल की गई। इसके तहत बिड़ला कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीमेंट डिवीजन), रायबरेली ने 25 टीबी मरीजों को गोद लिया। प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि टीबी के उपचार में नियमित रूप से दवाओं का सेवन जितना जरूरी है, उतना ही आवश्यक प्रोटीनयुक्त पौष्टिक आहार लेना भी है। नि:क्षय मित्र के रूप में गोद लिए गए मरीजों को पोषण संबंधी सहयोग, उपचार जारी रखने के लिए प्रोत्साहन, आवश्यक परामर्श और भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से समाज के लोग टीबी मरीजों के साथ खड़े होकर टीबी उन्मूलन अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से नि:क्षय मित्र बनने की अपील करते हुए कहा कि टीबी मुक्त जनपद के लक्ष्य को हासिल करने में प्रत्येक व्यक्ति अपनी भूमिका निभा सकता है। टीबी मुक्त मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से नि:क्षय मित्र बना जा सकता है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी मरीजों की पहचान, जांच और उपचार के साथ नियमित फॉलोअप एवं परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिड़ला कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीमेंट डिवीजन), रायबरेली द्वारा 17 सितंबर को 25 टीबी मरीजों को गोद लिया गया। गोद लिए गए मरीजों को पोषण सहयोग के रूप में पोषण पोटली भी वितरित की गई, जिसमें चना, गुड़, सोयाबीन बड़ी, दाल सहित अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री शामिल थी। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी.एस. अस्थाना ने बताया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 सितंबर से अब तक तीन नि:क्षय मित्र टीबी उन्मूलन अभियान से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि इस सहयोग का उद्देश्य मरीजों को उपचार के दौरान पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के साथ उन्हें यह भरोसा दिलाना है कि उपचार की इस यात्रा में वे अकेले नहीं हैं।
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