फिरोजाबाद। जनपद में दशलक्षण महापर्व पूरे धार्मिक उल्लास, भक्ति और नियम-संयम के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के अवसर पर शनिवार को नगर के समस्त जैन जिनालयों में उत्तम शौच धर्म का पूजन-अर्चन भक्तिभाव के साथ किया गया। इसके साथ ही दसवें तीर्थंकर 1008 भगवान पुष्पदंत का निर्वाण महोत्सव भी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। प्रातःकाल से ही नगर के चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, बड़ा मंदिर, पार्श्वनाथ मंदिर, छदामीलाल जैन मंदिर सहित सभी जैन मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने दशलक्षण पूजन के तहत उत्तम शौच धर्म की विधान-पूजा संपन्न की। इस अवसर पर विद्वानों ने उत्तम शौच धर्म का महत्व बताते हुए कहा कि मन, वचन और काय की पवित्रता ही सच्चा शौच धर्म है। आत्मा को लोभ, लालच और तृष्णा रूपी विकारों से मुक्त कर संतोष रूपी धन को धारण करना ही इस धर्म का मूल सार है।
उत्तम शौच धर्म के पूजन के उपरांत दसों दिशाओं के रक्षक एवं दसवें तीर्थंकर 1008 भगवान पुष्पदंत का निर्वाण महोत्सव भी भक्तिभाव से मनाया गया। सम्मेद शिखर के सुप्रभ कूट से मोक्ष प्राप्त करने वाले पुष्पदंत प्रभु के चरणों में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से निर्वाण लाडू अर्पित किया। इस दौरान ‘पुष्पदंत भगवान की जय’ और ‘जैन धर्म दिवाकर की जय’ के जयकारों से संपूर्ण जिनालय गूंज उठे।
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