Sunday, November 1, 2026
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घंटाघर की जमीन पर अवैध पार्किंग पर लगेगी बैरिकेडिंग

फिरोजाबाद। शहर के ऐतिहासिक घंटाघर के पास स्थित तीन मंजिला गोयल रेस्टोरेंट और घंटाघर के लिए चिह्नित जमीन पर की गई इंटरलॉकिंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शुक्रवार दोपहर नगर आयुक्त प्रशांत नागर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने घंटाघर के लिए चिह्नित जमीन पर की गई इंटरलॉकिंग वाले हिस्से को बैरिकेडिंग कर बंद कराने और भूमि को विवादित घोषित करते हुए वहां बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण इस जमीन पर किसी भी प्रकार का नया निर्माण अथवा अन्य गतिविधि नहीं होने दी जाएगी। सदर बाजार के बीच स्थित करीब 55 वर्ष पुराने घंटाघर को शहर की प्रमुख पहचान माना जाता है। पार्षदों और शहरवासियों की मांग पर नगर निगम ने इसके पुनर्निर्माण के लिए 1.27 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। तत्कालीन नगर आयुक्त ऋषि राज ने इसके लिए एफिल टावर की तर्ज पर डिजाइन भी तैयार कराया था।

इसी बीच गोयल रेस्टोरेंट के संचालक ने पुराने रेस्टोरेंट को ध्वस्त कर वहां तीन मंजिला इमारत का निर्माण करा लिया। आरोप है कि इसके लिए फिरोजाबाद विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया। इस पर प्राधिकरण की ओर से नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य जारी रहा। विवाद उस समय और गहरा गया, जब घंटाघर के लिए चिह्नित जमीन पर इंटरलॉकिंग कराकर वाहनों की पार्किंग विकसित कर दी गई। वहां बेंच भी रख दी गई थीं। इसको लेकर व्यापारियों ने रेस्टोरेंट के सामने प्रदर्शन कर नारेबाजी की थी। शिकायत मिलने पर नगर निगम के प्रवर्तन दल ने मौके पर पहुंचकर बेंच और वाहन हटवा दिए थे। वार्ड संख्या 23 के पार्षद आशीष दिवाकर ने भी नगर आयुक्त को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद घंटाघर की जमीन पर पार्किंग विकसित कर ली गई है। उन्होंने इसे न्यायालय की अवमानना बताते हुए संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

कंपाउंडिंग के आवेदन पर होगा निर्णय
तीन मंजिला रेस्टोरेंट को सील करने की कार्रवाई के संबंध में नगर आयुक्त प्रशांत नागर ने बताया कि रेस्टोरेंट संचालक की ओर से कंपाउंडिंग के लिए आवेदन किया गया है। यह आवेदन फिलहाल तहसील स्तर पर विचाराधीन है। वहां से रिपोर्ट और आवेदन प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रेस्टोरेंट को सील नहीं किया जाएगा। वहीं, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की ओर से पहले रेस्टोरेंट को सील करने के निर्देश दिए गए थे। अब कंपाउंडिंग आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस संबंध में अगला निर्णय लिया जाएगा।