हाथरस। ब्याज माफी योजना-2026 को लेकर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में व्यापारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने योजना के विभिन्न प्रावधानों और लाभों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने व्यापारियों से शासन द्वारा संचालित ब्याज माफी योजना का लाभ उठाने और निर्धारित शर्तों के अनुसार अपने बकाया कर का निस्तारण कराने की अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना व्यापारियों को बकाया कर संबंधी देनदारियों से राहत दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर है। इसलिए सभी व्यापारी योजना के प्रावधानों की जानकारी प्राप्त करें और निर्धारित समयावधि में आवेदन करने के साथ आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करें।
बैठक में उपायुक्त (प्रशासन), राज्य कर प्रद्युम्न कुमार गुप्ता ने योजना के प्रमुख प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना 31 दिसंबर 2025 तक के बकायों पर लागू होगी। इसके तहत बकाया मूलधन की शत-प्रतिशत धनराशि जमा करने पर निर्धारित श्रेणियों के अनुसार ब्याज और अर्थदंड में छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत बकाया मूलधन की धनराशि के आधार पर छूट का प्रावधान किया गया है। 10 लाख रुपये तक के मूल बकाया पर 100 प्रतिशत ब्याज और अर्थदंड माफ होगा। 10 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक के बकाये पर 10 प्रतिशत ब्याज और 90 प्रतिशत अर्थदंड की छूट मिलेगी। इसी प्रकार, एक करोड़ से पांच करोड़ रुपये तक के बकाये पर 25 प्रतिशत ब्याज और 75 प्रतिशत अर्थदंड तथा पांच करोड़ रुपये से अधिक के बकाये पर 50 प्रतिशत ब्याज और 50 प्रतिशत अर्थदंड में छूट प्रदान की जाएगी। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित श्रेणी के अनुसार बकाया मूलधन की पूरी धनराशि जमा करना अनिवार्य होगा। योजना शासनादेश जारी होने की तिथि से तीन माह तक प्रभावी रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री के अनुमोदन से इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है। यह योजना पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ लागू होगी। इसके दायरे में राज्य कर विभाग के विभिन्न अधिनियमों के तहत लंबित बकाया, ब्याज और अर्थदंड से संबंधित प्रकरण शामिल होंगे। बैठक में पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा, मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित, जिला विकास अधिकारी पीएन यादव, अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाह, उप जिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी पुलिस, सहायक आयुक्त राज्य कर हरिनाथ यादव, सचिन कुमार, राज्य कर अधिकारी नीरज कुमार, आशीष यादव, सुरेंद्र कुमार वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा व्यापारिक संगठनों की ओर से सुरेश चंद्र अग्रवाल, देवेंद्र मोहता, नितिन अग्रवाल, बांके बिहारी, प्रदीप बंसल, शरद अग्रवाल सहित अन्य व्यापारी प्रतिनिधियों ने बैठक में प्रतिभाग किया।
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