Sunday, November 18, 2018
Home » मुख्य समाचार » सत्ताधारी राजनेताओं की दबंगई में प्रशासन?

सत्ताधारी राजनेताओं की दबंगई में प्रशासन?

बघेल ने प्रदेश के मुख्य सचिव-सपा प्रदेशाध्यक्ष को भेजा फैक्स
कहा-श्रीराम की लीला स्थली का किया जा रहा व्यवसायीकरण
फिरोजाबाद, जन सामना संवाददाता। श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समित के प्रबन्धकारिणी सचिव राम प्रकाश बघेल ने प्रदेश के मुख्य सचिव व सपा प्रदेशाध्यक्ष को भेजे एक फैक्स संदेश में कहा है कि उत्तर भारत के सुविख्यात 20 दिवसीय श्री रामलीला महोत्सव मेले के कथित आयोजकों पर सत्ताधारी राजनेताओं के अनुचित दबाव व आर्थिक प्रभाव में दबंगई व गुण्डई के बल पर कार्य करने का प्रशासन पर आरोप लगाया हैं।उन्होंने कहा कि बिना किसी प्रशासनिक अनुमति व सक्षम अधिकारी अथवा न्यायालय के आदेश के नगर के कथित मेला दुकानदारों व खेल तमाशें वालों से साजिश के तहत लगभग 50,00,000 रूपयें की अनैतिक धन वसूली कर उसे पुनः स्वयहित में हड़प करना हैं। जिसके परीपेक्ष्य में विभिन्न रथ शोभा यात्राऐं निकाला जाना दो नौटंकियों के लिए भू-आवंटन पर मेला ठेकेदारो से 2,20,000 रूपयें की लूट करने के साथ प्रशासन की रोक के बाद भी काॅल गर्लो का अश्लील प्रर्दशन कराया जाना जानकी बाजार में 750 रूपयें से 1,000 रूपयें प्रति फुट की दर से काठ बाजार राम बाजार चाट बाजार व प्रसाद के अस्थायी दुकानदारों को 300 से 500 रूपयें प्रति फुट की दर से व सौफ्टी के स्टाॅल के लिए एक लाख बीस हजार रूपये में दिया जाना व हवाई झूलों, मौत का कुआं आदि के लिये 15 लाख रूपये भू-खण्ड आवंटित करना व बिजली उपभोग के नाम पर दस हजार रूपये प्रति किलो वाट की दर से विद्युत मूल्य वसूलना प्रस्तावित है। उन्होंने आगे कहा कि त्रेता युग के मर्यादा पुरूषोत्तम श्री रामचंद्र जी महाराज की लीला स्थली को पहले तो खुर्द बुर्द कर उसका व्यवसायीकरण किया गया। उसके बाद एक दिवंगत मदिरा प्रेमी के नाम पर द्धापर युग की तथा बरसाने की महारानी राधा रानी व युग पुरूष भगवान श्रीकृष्ण जी महाराज की प्रतिमा स्थापित की गई औ अब नगर निगम के अधिकारियों की अनैतिक सांठ-गांठ से और अब एक प्राचीन तालाब के इर्द-गिर्द इंटर लाॅकिंग सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट सहित पुलिस अधीक्षक को माननीय न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में उचित रूप से आदेशित किया जाये कि मेला के कथित आयोजकों को आर्थिक वसूली से रोका जाये।