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बरेली में जहरीली शराब के बावजूद प्रशासन बेखबर

बेखौफ हो रहा है कच्ची शराब का कारोबार
आबकारी विभाग और पुलिस करती है सिर्फ औपचारिक कार्यवाही
फिरोजाबाद, जन सामना संवाददाता। नगर में इन दिनो शहर से लेकर गाॅव तक कच्ची शराब का कारोबार कुटीर उद्योग के तौर पर विकसित हो रहा है। कच्ची शराब के इस कारोबार में आबकारी विभाग और पुलिस की संलिप्तता से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। दबी जुबान से यह बात इस कारोबार से जुडे लोग भी मानते है। पुलिस और आबकारी छापेमारी तभी करते है, तब लाइसेन्सी कारोबारियों की शिकायत पर हाईकमान से डंडा फटकारा जाता है। सस्ती और अधिक नशीली होने से कच्ची शराब के ग्राहक कम नहीं हो रहे है। कारोबारियों की माने तो यह शराब 15-20 रूपये में आसानी से बिक जाती है। बतातें चले कि विगत दिन बरेली में जहरीली शराब से कई लोगों की जान चली गयी। लेकिन अभी भी प्रशासन की आॅखें नहीं खुली है। क्या प्रशासन बडी घटना का इंतजार कर रहा है। अब देखना होगा कि क्या अधिकारी इस खबर को संज्ञान मे लेते है या नहीं यह तो आगे आने वाला समय ही बतायेगा।
कच्ची शराब का गढ़ है गिहार कालोनी
फिरोजाबाद। शिकोहाबाद नगर में गिहार कालोनी क्षेत्र में कई स्थानों पर शराब की भट्टियाॅं धुआ देकर धधक रही है। इनसे प्रतिदिन हजारों लीटर कच्ची शराब निकाली जा रही है। यहाॅ के बाशिन्दों ने शराब के व्यापार को प्रमुख कारोबार का नाम देकर अपराध की दुनिया मे खासी महारत हासिल कर रखी है। पुलिस के लिये उन्हे पकडना एक चुनौती हो गयी है। शराब बनाने से लेकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में यहाॅ सप्लाई करने में युवा जुटे है। नगर मे गिहार कालोनी में शराब की खपत के चलते अवैध शराब का काला व्यापार बडे पैमाने पर किया जा रहा है।