भाजपा के खिलाफ धर्मयुद्ध में किसान मजदूर और युवा बनेंगे शिवपाल के परिवर्तन रथ के सारथी
प्रेस वार्ता में शिवपाल सिंह का एलान सपा से गठजोड़ के लिये अभी खुले हैं दरवाजे
इटावा। मथुरा से भाजपा सरकार के खिलाफ शुरू की गई परिवर्तन रथयात्रा लेकर निकले शिवपाल सिंह यादव ने सैफई में पहुंचकर पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि उन्होंने सूबे में अनाचार अत्याचार के खिलाफ धर्म युद्ध छेड़ दिया है और वह गरीब किसान मजदूरों को अपने परिवर्तन रथ का सारथी बना कर भाजपा सरकार को सत्ता से हटाएंगे। उन्होंने कहा कि अखिलेश से समझौते की पूरी उम्मीद है राजनीति में संभावना बनाए रखनी चाहिए।सैफई के एसएस मेमोरियल पब्लिक स्कूल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा के जिस तरह महाभारत में श्री कृष्ण पांडवों के सारथी बने थे। उसी तरह हमने श्री कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा से भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद लेकर धर्म युद्ध की शुरुआत की है उन्होंने कहा के कि सूबे में सरकार का इकबाल बुलंद नहीं है और काम करने वाले अफसरों और कर्मचारियों में सरकार का भय नहीं है कोई भी अधिकारी बिना भ्रष्टाचार के कोई काम नहीं कर रहे हैं। जब कि सरकार की नियमावली के अनुसार काम करना चाहिए उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए सूबे में एक बड़े दल के नीचे सभी समान विचारधारा वाली पार्टियों को एकत्र होने की जरूरत है और हम लगातार दो साल से इसी दिशा में प्रयास कर रहे हैं। यादव ने कहा कि महगांई बेरोजगारी तथा भ्रष्टाचार के कारण पूरे देश में जनता कराह रही है और अब यह समय की मांग है कि भाजपा को हटाने के लिये सभी एकजुट हो जायें। एक सवाल के जबाव में कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करने की है और इसके लिये प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि नेताजी मुलायमसिंह यादव के साथ पिछले 40 साल तक रहकर उन्होंने भी राजनीतिक महाभारत के बारे में बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने कहा कि नेताजी तो रूठे कार्यकर्ता को मनाने के लिये उसके घर तक चले जाते थे और कार्यकर्ता के लिये ही नहीं बल्कि वे विरोधियों को भी अपने साथ मिला लेते थे इसमें बुराई ही क्या है। एक अन्य सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि वे पहले भी एक नोट और वोट की बात जनता के बीच कहते आये हैं इसमें कुछ नया नहीं है बल्कि वे इस नोट और वोट की समय आने पर पूरी कीमत जनता को चुकाते हैं। एक अन्य सवाल के जबाव में शिवपालसिंह यादव ने कहा कि इस बार के राजनैतिक महाभारत में भाजपा को सत्ता से हटाने के लिये कम से कम एक बड़ी प्रमुख राजनैतिक पार्टी के साथ सभी छोटी पार्टियों को आना ही होगा और विना इसके उसे सत्ता से नहीं हटाया जा सकता है भले ही महंगाई कमर तोड़ रही है और भ्रष्टाचार के रिकार्ड बन रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि आज किसान ही नहीं मजदूर नौजवान और हर बर्ग के लोग परेशान हैं भाजपा ने सिर्फ कुछ पूंजीपतियों को ही फायदा पहुंचाया है वे कौन हैं यह पूरा देश जानता है। अंत में उन्होंने कहा कि वे अपने वंशज भगवान श्रीकृष्ण के दरवाजे से उनसे आशीर्वाद लेकर सामाजिक परिवर्तन यात्रा पर निकलने हैं और भगवान श्रीराम की जन्म भूमि अयोध्या में जाकर इसका समापन करेंगे।