रायबरेली । तहसीलदार द्वारा कथित रूप से अधिवक्ताओं के उत्पीड़न के मामले में शनिवार को काफी गहमा गहमी रही। बातचीत के दौरान स्थित इतनी बिगड़ गई कि एसडीएम को हस्तक्षेप करना पड़ा।
ज्ञात हो कि ऊंचाहार तहसील के अधिवक्ता तहसीलदार के विरुद्ध तीन दिन से हड़ताल पर है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार अनावश्यक रूप से अधिवक्ताओं को परेशान कर रहे है, उनके चेंबर तोड़े जा रहे है। इस मामले को लेकर तहसील बार एसोसिएशन अधिकारियों पर लगातार दबाव बना रहा है। शनिवार को मामले में समाधान के लिए तहसीदार के कक्ष में बार की बैठक बुलाई गई थी। जहां बातचीत के दौरान मामला बिगड़ गया और तहसीलदार ने अधिवक्ताओं को अपने कार्यालय से भगा दिया। इसके बाद अधिवक्ता अक्रोशित हो गए । मामला बिगड़ता देख एसडीएम राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं को किसी प्रकार शांत कराया और 14 मार्च तक का समय वकीलों से मांगा है। उधर बार एसोसिएशन ने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। इस मौके पर बार अध्यक्ष राकेश उपाध्याय , दिनेश त्रिपाठी , शिव गोपाल सिंह , धर्मेश पाठक, रज्जन मिश्र सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
विवादित कार्यशैली के कारण निशाने पर रहे है राजेश गुप्ता
तहसीलदार राजेश गुप्ता इस समय वकीलों के निशाने पर है। विवाद का मुख्य कारण तहसीलदार द्वारा अधिवक्ताओं के चेंबर को हटाना है। तहसीलदार चाहते है कि तहसील परिसर में चिन्हित स्थान पर ही अधिवक्ता अपना चेंबर ले जाए जबकि अधिवक्ता चाहते है कि जिस स्थान पर उनके चेंबर है ,वहीं रहेंगे। यह विवाद एक प्रकार से अनावश्यक है क्योंकि कई दशक से अधिवक्ता उसी स्थान पर है। आज तक किसी भी अधिकारी ने ऐतराज नहीं किया। यही नहीं इससे पूर्व राजेश गुप्ता सलोन में तहसीलदार थे। वहां भी उनका अधिवक्ताओं से विवाद हुआ था और हमेशा विवादों से घिरे रहे है। अब ऊंचाहार में भी काफी विवादित हो गए है।
Reported by: Pawan Kumar Gupta