Sunday, September 23, 2018
Breaking News
Home » सम्पादकीय » आतंकी हमले से आक्रोश

आतंकी हमले से आक्रोश

उरी में सैनिकों के शिविर पर किए गए आंतकी हमले के दौरान शहीद हुए जवानों के परिवारों में जहां शोक की लहर है तो देशभर आम जन के बीच आक्रोश देखा जा रहा है। सामाजिक संगठनों के साथ चाहे आम हो या खास सभी पाक की इस कायराना हरकत का विरोध करते हुए पाक का पुतला फूंक कर अपने अपने स्तर से पाक के प्रति नाराजगी जाहिर कर रहे हैं तो देश के सभी राजनैनिक दलों ने भी इस हमले के प्रति पाक को करारा जवाब देने की राय व्यक्त की है। वहीं सोशल मीडिया पर अगर नजर डाली जाए तो चाहे आम हो या खास सभी ने एक ही स्वर में हां की है कि अब पाक को करारा जवाब ही दिया जाये न कि शोक संवेदना व्यक्त कर इतिश्री कर ली जाए। केन्द्र सरकार से देश के युवाओं ने यही कहा कि अब बहुत हो चुका है, आए दिन हमारे देश के जांबाज आये दिन शहीद हो रहे हैं और हम संवेदना देते रहते हैं। अब संवेदनाओं की बात नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई करने का वक्त है। हालांकि केन्द्र सरकार ने पाक को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर अलग थलग करने की बात कही है लेकिन देश के लोग अब इसे सही नहीं मानते उनका मानना है कि यह तो दशकों से कहा जा रहा है और नतीजा शून्य ही है। करारा जवाब देने की बात तो सभी सरकारें करती चली आई लेकिन वास्तविकता यही है कि पाक को करारा जवाब नहीं दिया गया। अगर भारत सरकार वास्तव में पाक को करारा जवाब देती तो शायद यह दिन देश को नहीं देखने पड़ते।
जब भी देश पर आतंकी हमला किया गया तब हर सरकार ने यही कहकर सान्तवना दी कि पाक को करारा जवाब दिया जायेगा। वहीं कांग्रेस ने भी सेना के आलाधिकारियों के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि अब पाक को करारा जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा है जब कि देश की सेना के आलाधिकारी स्वयं ही कह रहे है कि उन्हें छूट मिलनी चाहिए। सेना के आलाधिकारियों की मंशा को तरजीह मिलनी चाहिए।
देश दशकों से आतंक का दश झेल रहा है और बेशर्म पाक हर बार यही कहकर पल्ला झाड़ लेता है कि भारत ठोस सबूत नहीं पेश कर पाया है। जब पाक किसी सबूत को मानने को तैयार नहीं है और आतंक के आकाओं को पूरी तरह से पनाह देकर उनका पालन पोषण कर रहा तो भारत को भी खुलकर आतंक को मिटाने के लिए आगे आना चाहिए। देश के दुश्मन पाक में खुलेआम भारत देश के प्रति जहर उगल रहे हैं इससे बड़ा और सबूत क्या पेश करने की जरूरत है।
सच्चाई यही है कि पाक में आतंक को शरण दी जा रही है लेकिन पाक के हौंसलों को बढ़ाने में वो देश भी परदे के पीछे छिपे हैं जो भारत से अन्दर ही अन्दर ईष्र्या रखते हैं। इसी लिए तो वो यह जानते हैं और देख भी रहे हैं कि आतंकी पोषक देश पाक है फिर भी हथियारों को पाक को मुहैया करा रहे हैं। जबकि कहा जा रहा है पाक हथियारों को खुद खरीद रहा है। लेेकिन जब हथियारों को रक्षा की बजाय दूसरों को परेशान करने का उपयोग किया जा रहा हो तो ऐसी खरीद फरोख्त का मतलब क्या है?
कुछ भी हो वर्तमान परिदृश्य को नजरअन्दाज नहीं किया जाना चाहिए और देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए जिससे कि हमारे देश की सेना के जाबांजों के हौंसले कम न हों और देश की जनता को भी यह संतुष्टि मिले कि हमारे सपूतों की शहादत बेकार नहीं जा रही।