एक छोटा सा गांव था ,दो बेटों के साथ रेवती बहुत आराम से रह रही थी।दोनों बेटों को बहुत प्यार से पाला था उसने।जो जमीन उसके पति के निधन के समय उसके पास थी उसी पर खेती कर बच्चों का पालन पोषण और पढ़ाई लिखाई और घर को बड़ी किफायत से चलाया था उसने।
जब दोनों बेटे बड़े हुए तो एक के बाद एक दोनों की शादी करदी।बड़ी बहू तब तक तो ठीक थी जब तक छोटे बेटे की शादी हुई और छोटी बहु का आगमन हुआ,जैसे ही छोटी बहु आई, जो बहुत गुणी थी उसका रवैया ही बदलने लगा।घर का काम धीरे धीरे छोटी बहु के सर पर डालती गई और छोटी बहु को भी तानें सुनाती रहती थी ।कुछ दिन तो रेवती ने देखा लेकिन जब हर दिन बात बढ़ती गई तब एक दिन बड़े बेटे को बुलाकर उसे अपनी पत्नी के साथ घर के दूसरे हिस्से में जहां दो कमरे और एक रसोई थी वहां रहने के लिए बोल दिया।कुछ बर्तन और दूसरा समान ले वह अपनी पत्नी के साथ अलग रहने लगा।पास में ही रहती छोटी बहु की हर बात पर ध्यान रख बड़ी बहू उसके नुक्स निकलती थी।लेकिन छोटी बहु थी कि अपने किसी भी फर्ज से चूक नहीं करती थी।सुबह रेवती के चरण स्पर्श करती थी फिर रेवती के नहाने का गरम पानी रखना,पूजा के लिए फूल और दिया तैयार कर प्रसाद बना के रख देती थी ,बहु की सेवा से रेवती खूब प्रसन्न थी और उसे बहुत ही आशिषें देती थी।
यही बात बड़ी बहू को अखरती रहती थी।एक बार छोटी बहु अपने मायके जा रही थी किंतु उसे अपनी सास की सेवा की इतनी आदत हो गई थी कि पूछो मत।उसने सास को मनाया कि वह भी साथ चली जाएं लेकिन उसने मना कर दिया।
अब उसने गांव का एक मूर्तिकार था उसे बुलाया और अपनी सास की मूरत बनवाई जिसे साथ ले वह मायके जाने की लिए चल पड़ी। सास की मूरत को लिए वह चली जा रही थी सर्दियों के दिन थे तो शाम भी जल्दी ढल गई और जंगली जानवरों का भी डर था तो वह एक द्रख्त पर चढ़ के बैठ गई।जरा सी आंख लगी की नीचे भाग म भाग की आवाजे आने लगी।उसने देखा की उसकी सास की मूरत नीचे पड़ी थी पास में ही किसी ने आलाव जलाया था और उसीके पास बहुत सारे हीरे मानेक से जड़ित गहने पड़े हुए थे।उसने पेड़ से उतर कर देखा तो दूर दूर कुछ लोग भागे जा रहे थे।वह समझ गई कि को भाग गए हैं वे चोर थे तो उसने सारे गहने उठाए और वापस घर की और चल पड़ी और अपने पति और सास को सारी बातें बताई।
अब ये सब बातें उसकी जेठानी को भी पता चली तो उसे भी लालच आया और ठीक वैसे ही अपनी सास की मूरत बना मायके जाने निकल पड़ी,और जिस पेड़ के नीचे राख पड़ी थी उसी के उपर जा बैठ गई और चोरों का इंतजार करने लगी और उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा जब पेड़ के नीचे कुछ लोग बाते करते हुए आए,बैठे और आलाव जलाने लगे।जैसे ही आलाव जला उसने अपनी सास की मूरत को जोर से नीचे फेंका,पहले तो चोर भागने लगे किंतु ,ऐसा दुबारा होने से शक हुआ और उन में से एक पेड़ पर चढ़ा और उसे नीचे उतरा और खूब प्रताड़ित किया, और इल्जाम लगाया कि इससे पहले भी उसने उनका धन चुराया था।उसने लाख बताने की कोशिश की, कि वह बेगुनाह थी,उसने तो पहली बार ही उनको देखा था लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी और उसका सिर मुंडवा के मुंह पर कालिख पोत के चले गए।इस हालत में जब वह अपने घर पहुंची तो किसी ने भी उसे पहचाना नहीं किंतु उसने रो रो कर अपनी बात बताई तब सब ने उसे सांत्वना दी और बोला जो करे सेवा उसको मिले मेवा जो जाए लेने उसको पड़ते हैं देने।
जयश्री बिरमी
अहमदाबाद
Jansaamna
फिरोजाबाद। नगर निगम की कार्यकारिणी समिति बैठक जीवाराम हॉल में महापौर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। सर्वसम्मति से कार्यकारिणी समिति के पदाधिकारियों ने सभी प्रस्ताव पारित किये।बुधवार को लगभग 11.30 बजे नगर निगम के जीवाराम हॉल में कार्यकारिणी की बैठक प्रारम्भ हुई। बैठक महापौर नूतन राठौर व नगर आयुक्त प्रेरणा शर्मा के निर्देशन में आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 के मूल बजट की स्वीकृति के लिए सर्व सम्मति से बजट का अनुमोदन प्रदान किया गया। कार्यकारिणी सदस्यों ने सर्व सम्मति से सभी प्रस्ताव पारित किये।
फिरोजाबाद। डिस्ट्रिक्ट एकेडमी में प्रैक्टिस करने वाली महिला खिलाड़ी सोनम यादव का चयन नेशनल क्रिकेट एकेडमी अंडर-19 मे हो गया है। उनको 15 मई को राजकोट में रिपोर्ट करनी है।एसोसिएशन के सचिव केशव लहरी ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट एकेडमी में प्रैक्टिस करने वाली महिला खिलाड़ी सोनम यादव का चयन नेशनल क्रिकेट एकेडमी अंडर-19 मे हो गया है। वह बहुत ही प्रतिभावान महिला खिलाड़ी है। उत्तर प्रदेश अंडर-19 अंडर-23 व सीनियर महिला टीम में सोनम यादव अपने जौहर दिखा रही हैं। उनके इस सफर में उनके भाई अमन यादव और उनके कोच रवि यादव का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है। डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
फिरोजाबाद। मेले हमें एकता और भाईचारे का संदेश देते हैं। मेले एवं त्यौहार हमारी समृद्धि संस्कृति परंपरा एवं रीति-रिवाजों के परिचायक हैं। मेलों के आयोजन से भाईचारा सद्भाव कायम रहता है। उक्त विचार पूर्व सांसद एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर ओमपाल सिंह निडर ने शिल्पग्राम मेले के कार्यालय के शुभारंभ के अवसर पर व्यक्त किये।इससे पूर्व नगर निगम की ब्रांड एंबेस्डर कल्पना राजोरिया ने भगवान गणेश एवं परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण कर विधिवत कार्यक्रम का शुभारम्भ कराया। मेला कार्यक्रम संयोजक ने बताया कि मेले का विधिवत उद्घाटन आठ मई को पर्यटन मंत्री ठा. जयवीर सिंह करेंगे।