कानपुरः जन सामना संवाददाता। आप सोंच रहे होंगे कि यह कार किसी विधायक जी की है तो आपकी नजरें धोखा खा गई हैं। यह कार तो किसी ‘विधायक के सेवक’ की है, इसमें ‘विधायक’ बड़ा सा लिखा है और ‘सेवक’ सूक्ष्म अक्षरों में ऐसा लिखा है जो हरएक ना पढ़ सके।
अब ऐसे में पहली नजर में तो यह कार किसी विधायक की ही लगती है। यह कार लाॅक डाउन के दौरान पुलिस द्वारा दौड़ाकर बर्रा-8 राम गोपाल चौराहा पर पकड़ी गई। पहले पहल तो जब पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो ड्राईवर ने पुलिस कर्मियों के कहने को नहीं माना और पुलिस को धता बताते हुए कार को सरपट दौड़ा दिया, सशंकित पुलिस कर्मियों ने कार का इस लिये पीछा कर लिया कि अगर विधायक जी होते तो ऐसे नहीं भागते, जिस तरह से भागे थे।
JAN SAAMNA DESK
बिना सख्ती के नहीं सफल होगा लाॅक डाउन!
⇒पुलिसकर्मियों को मिले भयमुक्त होकर कार्य करने का निर्देश
कानपुरः जन सामना संवाददाता। कोरोना (कोविड-19) वायरस का प्रभाव व प्रकोप पूरे देश में दिखने लगा है। राज्य सरकारें भी अपने अपने स्तर से इससे बचाव हेतु तमाम प्रयास कर रहीं हैं। केन्द्र सरकार ने 21 दिनों का लाॅक डाउन पूरे देश में घोषित कर रखा है।
कोरोना से बचाव हेतु जिले स्तर पर भी उच्चाधिकारी लाॅक डाउन का पालन करवाने पर जोर दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर पुलिस को लाॅक डाउन का पालन करवाने की जिम्मेदारी दी गई हैं। पुलिस के जवान पूरी तत्परता के साथ अपनी ड्यूटी तो कर रहे हैं लेकिन लाॅक डाउन का पालन करवाने में झिझकते दिख जाते हैं। इसका कारण यह है कि पुलिस कर्मी अगर जरा भी सख्ती करने का प्रयास करते हैं तो कहीं ना कहीं कोई चोरी छिपे उनका वीडियो या फोटो बना लेता है। इसके बाद उस वीडियो या फोटो को व्हाट्सअप सहित अन्य सोशल साइट्स पर डाल देते हैं। यह वीडियो या फोटो जैसे ही पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों के पास पहुंचते हैं फौरन पुलिस के जवानों पर कार्रवाही होना तय हो जाती है।
कोरोना से लड़ने में बड़ों से आगे हैं बच्चे
⇒अपनी कलाकृतियों से कर रहे हैं जागरूक
कानपुर देहात। कोराना वायरस कितना खतरनाक है इसको लेकर जिले के लोग भले ही गंभीर न हों, लेकिन स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चे लापरवाही बरतने पर दुष्परिणामों को भांप चुके हैं। इस कारण कोरोना के खिलाफ जंग में बच्चों का हौसला भी कुछ कम नहीं है। बड़ों ने उन्हें घर पर ही रहने की नसीहत दी और वो मान गए। बच्चे न खेलने जा रहे, न ही दोस्तों से मिल रहे। वो घर पर ही रहकर अदृश्य दुश्मन से लड़ाई के मोर्चे पर जमकर डटे हुये हैं। ऐसे में अभिभावक भी बच्चों को हर वो चीज करने की आजादी दे रहें हैं, जो उन्हें पसंद है। लिहाजा बच्चों का छिपा हुनर भी खूब सामने आ रहा है। कोई ड्रॉइंग बनाकर जागरूक कर रहा, तो कोई वीडियो बनाकर हाथ धोते रहने का संदेश दे रहा है। कोई गीत गाकर, कोई कविता गाकर, कोई कहानी सुनाकर लोगों को कोरोना से बचने के उपाय बता रहा है। इन मासूम बच्चों की कोशिशें कह रहीं हैं कि कोरोना से जंग हम जीतकर ही रहेंगें। जिले के अलग-अलग स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों ने कागज पर ड्रॉइंग व पेंटिंग के जरिए आकृतियां बनाकर घर के अंदर व बाहर रहने वालों पर कोरोना वायरस का असर व कोरोना वायरस के लक्षण, बचाव व सावधानियां बताईं हैं।
न्यू लाइट एजुकेशन सेंटर राजपुर में पढ़ने वाले अर्पित कटियार ने अपनी ड्राइंग में निम्न गतिविधियाँ वर्णित की हैं-
सावधानी अपनायेंगें, कोरोना को दूर हम भगायेंगे।
साबुन से 20 सेकंड तक अच्छी तरह हाथ साफ करें, मास्क का प्रयोग करें, 1 मीटर की दूरी बनाकर रखें, कोई भी रोड पर न निकले, इन्होंने अपनी पेंटिंग में कोरोना वाइरस की संरचना बनाकर लिखा है कि मेरा नाम कोरोना वायरस है कुछ सफेद कोट पहनने वाले लोग मुझे कोविड-19 भी कहते हैं।
उपराष्ट्रपति ने जन जागरूकता के लिए मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडू ने आज वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए विभिन्न प्रदेशोंध् केन्द्र शासित प्रदेशों के राज्यपालों / उप राज्यपालों से बात की तथा उनके प्रदेशों में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लिए जा रहे प्रयासों के बारे में चर्चा की। वे आज राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद द्वारा राज्यपालों / उप राज्यपालों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आज विश्व, हाल के दशकों की संभवतः सबसे विकट स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहा है। भारत ने इस चुनौती को पूरी गंभीरता से लिया है। उपराष्ट्रपति ने केंद्र और प्रदेश सरकारों के प्रयासों की चर्चा करते हुए टीम इंडिया की भावना की सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं कोविड 19 संक्रमण के विरुद्ध इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। इस संदर्भ में उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह की याद दिलाई कि यदि आप घर से बाहर जाएंगे, तो कोरोना घर में आएगा।
देश भर में पूर्ण बंदी लागू कर दी गई है तथा सामाजिक व्यवहार में दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। स्थानीय स्तर पर नागरिक इन प्रयासों में सहयोग भी दे रहे हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि जन जागृति फैलाने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
कोविड-19 के खिलाफ लंबी लड़ाई के लिए दक्षिणी नौसेना कमान तैयार
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्तर पर जारी 21 दिन के लाॅकडाउन के क्रम में दक्षिणी नौसेना कमान (एसएनसी) ने कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए दो स्तरीय रणनीति के उद्देश्य से राज्य सरकार और नौसेना मुख्यालयों के साथ परामर्श के बाद कुछ कदम उठाने की घोषणा की है, जिसमें इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई में नागरिकों को तैयार करना और सहयोग देना शामिल है। इसके साथ ही संक्रमण से बचाने के अपने कर्मचारियों के एकांतवास और सभी जिम्मेदारियों के लिए उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी नौसेना का जोर है। कोच्चि में गैर चिकित्सा कर्मचारियों की भागीदारी के साथ बनी युद्ध क्षेत्र नर्सिंग सहायकों (बीएफएनए) की 10 टीमों का गठन कर दिया गया है, जो परिस्थितियों के आधार पर चिकित्सा कर्मचारियों की मदद करेंगी। ऐसी बीएफएनए टीमों को एसएनसी के अधीन आने वाले अन्य सभी स्टेशनों पर तैयार किया जा रहा है। भारतीय नौसेना ने छुट्टी पर गए या अस्थायी ड्यूटी पर लगे अपने कर्मचारियों के लिए ‘जहां भी हो रुके रहो, कोई यात्रा नहीं’ की नीति को लागू कर दिया है।
Read More »पुलिस हुई सख्त आठ लोगों पर कार्यवाही के बाद सहमें लोग
चन्दौली चकिया। जिला प्रशासन कोरोना वायरस को लेकर जहां पूरी तरह मुश्तैद है। वहीं लॉकडाउन के बावजूद भी लोग अभी भी चेत नहीं रहे है,जिसको लेकर स्थानीय कोतवाली पुलिस ने नगर में गश्त के दौरान इस आदेश के उलंघन में आठ लोगों पर कार्यवाही की है।बताया गया कि कोतवाली के वरिष्ठ एसएसआई राणा प्रताप यादव इन लोगों के खिलाफ धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज करवाया है। जबकि रोक के बावजूद नगर में घुमते पकड़े गये लगभग 50 वाहनों का चालान किया गया है। इसके आलावा स्थानीय प्रशासन लगातार ध्वनि विस्तारक यंत्रों से लोगों को सावधान कर रहा है।
लाॅकडाउन के दूसरे दिन सुहानगरी की लाइफ लाइन रेंगती नजर आई
वेबजह घर से निकलें लोगों को पुलिस ने दिखाई सख्ती, काटे चालन
सुभाष तिराहे पर सीओ सिटी एवं नगर मजिस्ट्रेट ने लोगों से अपने-अपने घरों में रहने की अपील
फिरोजाबाद। देश में प्रधानमंत्री के 21 दिन के लाॅकडाउन के दूसरे दिन सुहागनगरी में आम लोगों की लाइफ लाइन रेंगती नजर आई। लोग जरूरी कामकाजों से ही अपने-अपने घरों से बाहर निकले। वहीं पुलिस प्रशासन भी सख्त दिखाई दिया। वेबजह निकले लोगों को रोककर वाहनों के चालन काटे गये।
एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस जैसी भयंकर बीमारी से देश की जनता को बचाने के लिए 21 दिनों को लाॅकडाउन किया है। जिससे कोरोना जैसी भंगयक बीमारी की चैन को तोड़ा जा सके। ओर देश के लोगों को इस कोरोना के प्रकोप से बचाया जा सके।
नगर निगम ने डोर टू डोर बंटबाई सब्जियां
फिरोजाबाद। प्रदेश सरकार के आदेश के बाद सुहागनगरी में कोरोना वायरस के बचाव के लिये लगाये गये लाॅक डाउन में लोगों को ज्यादा से ज्यादा घरों में रहने के लिये कहा गया है। जिसके चलते जिला प्रशासन ने लोगों को डोर टू डोर सब्जियाॅ लोगों के घरो तक पहुंचाने के लिए टीम गठित कर दी है। नगर निगम की गाड़ियों द्वारा मंडी रेट पर लोगों को सब्जियां उपलब्ध कराई जा रही है। गुरूवार को कई वार्डो में क्षेत्रिय पार्षद के साथ नगर निगम की गाड़ियों में लोगों को मंडी रेट पर सब्जी दी गई। जिसके चलते लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लग गई। पुलिस-प्रशासन ने भी लाइन लगवाकर लोगों को सब्जी दिलाई। जिससे किसी प्रकार की मारा-मारी न हो।
सांसद ने लोगों के बीच जाकर बांटे मास्क
फिरोजाबाद। कोरोना वायरस के बढ़ते कहर के चलते पूरा भारत में लॉकडाउन है। सभी को सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर जागरूक किया जा रहा है। जिसका सबसे ज्यादा प्रचार करने का दायित्व जन प्रतिनिधियो के ऊपर है। वहीं भाजपा सांसद चंद्रसेन जादौन ने लॉकडाउन का पालन नहीं करते हुए भीड़ में जाकर लोगों को मास्क बाटें।
सुहागनगरी के सांसद चंद्रसेन जादौन गुरुवार को जसराना में पहुंच कर लोगों को कोरोना वयारस से बचाव हेतु मास्क बांटे। लेकिन वे सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में भूल गये। उनकी गाड़ी के आसपास लोगों की भीड़ लग गई। भीड़ के बीच सांसद काफी देर तक मास्क बांटते रहे। न तो लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का प्रयोग किया और ना ही सांसद ने खुद दूरी बनाई। कोरोना के बीच जहां पीएम मोदी लोगों को बचाव के तरीके बता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जिले के सांसद लॉकडाउन का उल्लंघन कर भीड़ में मास्क बांट रहे हैं।
जिला पूर्ति विभाग पहुंचायेगा लोगों के घरों तक राशन सामग्री
फिरोजाबाद। जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि लॉकडाउन में लोगों को किसी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है। लोग निश्चित होकर घरों में रहे। आवश्यकता पड़ने पर वह पूर्ति विभाग को फोन करें। उन्हें आवश्यक सामग्री घर पर पहुंचायी जाएगी। जिसका टीमों को घर पर ही भुगतान करना होगा। उन्होंने बताया कि राशन सामग्री लोग घर बैठे ही प्राप्त कर सकेंगे। यह टीमें पूरी तरह से मुस्तैद है। इस प्रक्रिया को गुरुवार से ही लागू कर दिया गया है।
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