Thursday, September 10, 2026
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साइबर ठगी की शिकार हुई महिला, वापस मिला पैसा

♦ रूई भेजने के नाम पर साइबर ठगों ने बनाया था शिकार
मथुरा। रुई भेजने के नाम पर खाते से कुल 12,300 रुपये निकालने की धोखाधडी के पीडित की साइबर टीम ने धनराशि वापस कराई है। आये दिन साइबर अपराधियों द्वारा आम जनता को भ्रमित कर उनसे उनके बैंक खाते एवं क्रेडिट कार्ड, आदि से जुड़ी गोपनीय जानकारी अर्जित कर यूपीआई व अन्य के माध्यम से धोखाधडी कर ली जाती है।
कपिल सैनी निवासी रुकमणी विहार गोल चक्कर थाना वृन्दावन की पत्नी ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत थाना वृन्दावन पर लिखित प्रार्थना पत्र देकर दर्ज कराई थी। पीड़ित की ठगी की गयी धनराशि को वापस कराने व अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए प्रभारी साइबर सेल टीम द्वारा प्रार्थना पत्र पर जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि साइबर अपराध कर पीड़िता के खाते से कुल 12300 की धोखाधडी कर निकाल लिए गये हैं। त्वरित कार्यवाही करते हुए बैक, पेमेंट गेटवे पर समन्वय स्थापित कर पीडिता के 12,300 रुपये वापस कराये गये।
साइबर सेल प्रभारी का कहना है कि किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नम्बर उस कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें। कोई भी बैंक अधिकारी फोन पर कभी भी आपसे एटीएम खाते क्रेडिट कार्ड अन्य से सम्बन्धित जानकारी नहीं मांगता इसलिए कभी भी फोन काल पर अपने बैंक से सम्बन्धित जानकारी शेयर ना करें। किसी भी क्यूआर कोड से पेमेंट लेते अथवा देते समय यह अवश्य चेक करें कि क्यूआर कोड पेमेंट लेने वाला है या देने वाला है। खाते में केवाईसी अपडेट कराने के लिए बैंकों द्वारा कभी भी किसी से व्यक्तिगत जानकारी ओपीटी, सीवीवी, पिन नम्बर नहीं मांगा जाता है। फोन पर आने वाली काँल पर रिश्तेदार बनकर बातें करने वाला व्यक्ति फ्राड़ हो सकता है,अतः आप अपने कांटेक्ट लिस्ट मे पहले से आपके द्वारा सेव किये गये नम्बर पर कॉल कर पहले उससे पुष्टी कर ले। अपने फोन पर किसी भी अन्जान व्यक्तिध्कथित कस्टूमर केयर अधिकारी के द्वारा आपके मो पर भेजे गये लिक के माध्यम से कोई भी ऐप्स इंसटाल न करें। न ही किसी प्रकार के लिंक पेमेंट रिक्वेस्ट को ओपन करें।