फिरोजाबाद। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), नगला अमान में शिक्षकों को सुरक्षा एवं संरक्षा के प्रति संवेदनशील और दक्ष बनाने के उद्देश्य से ‘कवच’ (सुरक्षा-संरक्षा शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल) पर आधारित तीन दिवसीय माध्यमिक शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना, उन्हें शारीरिक, मानसिक एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा शिक्षकों को बाल सुरक्षा कानून, प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के उपायों के प्रति सक्षम बनाना है। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, योगेश शिवा ने किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षकों को शिक्षण कार्य में नवाचार और आधुनिक तकनीकों, जैसे स्मार्ट क्लास तथा सीएलएम, का अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए। शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण करने वाले राष्ट्र निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर बच्चों में भाषा और गणित की बुनियादी समझ को मजबूत करने के साथ ही निपुण लक्ष्य प्राप्त करने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण योगेश शिवा ने प्रशिक्षण के दौरान माध्यमिक विद्यालयों से आए शिक्षकों को बाल अधिकारों, विधिक जानकारी, प्राथमिक चिकित्सा एवं सुरक्षात्मक उपायों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन जानकारियों के माध्यम से शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके बाद जिलाधिकारी ने बाल वाटिका में कक्षा-1 के बच्चों से मुलाकात की और उनके द्वारा बनाई गई चित्रकारी एवं रचनात्मक कार्यों को देखकर उनकी सराहना की। उन्होंने बच्चों को टॉफियां भी वितरित कीं। बच्चों ने रंगों और रेखाओं के माध्यम से अपनी कल्पनाओं, भावनाओं और सपनों को कागज पर जीवंत किया। इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास, कल्पनाशक्ति और अभिव्यक्ति कौशल का विकास करना रहा। इस दौरान एसआरजी डॉ. जया शर्मा, डायट प्रवक्ता जयमाला, अर्चना वर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।
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