फिरोजाबाद। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद जिले में चलाए जा रहे फायर सेफ्टी अभियान के तहत मंगलवार को जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे, मुख्य अग्निशमन अधिकारी सत्येंद्र पांडेय और नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय ने जिला अस्पताल परिसर स्थित 100 शैया अस्पताल, 200 शैया अस्पताल, एसएनएसयू वार्ड तथा ट्रॉमा सेंटर का संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अस्पतालों में उपलब्ध अग्निशमन और आपदा प्रबंधन संसाधनों की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर, आपातकालीन निकास मार्ग, अलार्म सिस्टम तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों की कार्यशीलता का परीक्षण किया। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने अस्पताल प्रशासन से अग्निशमन उपकरणों के संचालन और रखरखाव की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी उपकरण हर समय पूरी तरह क्रियाशील अवस्था में रहें। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसएसपी आदित्य लांग्हे ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं मुख्य अग्निशमन अधिकारी सत्येंद्र पांडेय ने कहा कि शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक भवनों में नियमित फायर ऑडिट और मॉक ड्रिल कराना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिलेभर में फायर सेफ्टी मानकों की जांच का अभियान लगातार जारी रहेगा और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लखनऊ हादसे के बाद शुरू की गई इस मुहिम को जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ. नवीन जैन सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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