Sunday, August 30, 2026
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बीबीएयू के दीक्षांत समारोह में 22 विद्यार्थियों को मिले स्वर्ण पदक

लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) का 11वां दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित हुआ। समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ चरित्र, संस्कार और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता को जीवन में अपनाने की सीख दी। इस दौरान शैक्षणिक सत्र 2023 से 2026 तक के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 22 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। रक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं है। वास्तविक शिक्षा व्यक्ति के मस्तिष्क, हृदय और हाथ यानी सोच, संवेदना और कौशल का विकास करती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव होना चाहिए। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के ‘Educate, Agitate and Organize’ के मंत्र से प्रेरणा लेने की बात कही और युवाओं से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनने का आह्वान किया।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय से हासिल ज्ञान का उपयोग समाज और देश के हित में किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की अपील की। कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि बीबीएयू को नैक में A++ ग्रेड मिला है और एनआईआरएफ की विश्वविद्यालय श्रेणी में 37वां स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए 20 हॉबी क्लब बनाए गए हैं। इसके अलावा करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से अमेठी कैंपस के विकास का काम चल रहा है। विश्वविद्यालय के वृक्षारोपण अभियान के तहत 2,055 पौधे लगाए जाने का भी उल्लेख किया गया। समारोह में विभिन्न शैक्षणिक सत्रों के 22 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और उपाधि प्रदान की गई। इसके अलावा भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो. देवेश कुमार को डीएससी की उपाधि दी गई। आरडी सोनकर पुरस्कार के तहत भी विभिन्न वर्षों के विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। समारोह के दूसरे सत्र में विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उनके संबंधित विभागों में उपाधियां प्रदान की गईं। इस दौरान गोल्ड मेडलिस्ट और पीएचडी शोधार्थियों समेत अन्य विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।