आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (डीबीआरएयू) ने उच्च शिक्षा को अधिक लचीला और सुलभ बनाने की दिशा में आठ ऑनलाइन डिग्री कार्यक्रम शुरू किए हैं। विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र (सीडीओई) के माध्यम से शुरू किए गए इन पाठ्यक्रमों में नियमित कक्षाओं में उपस्थित होने में असमर्थ विद्यार्थियों के साथ-साथ कामकाजी पेशेवरों को भी पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय की ओर से शुरू किए गए ऑनलाइन कार्यक्रमों में बीबीए, बीसीए, बी.कॉम., एमबीए, एमसीए, एम.कॉम., एमए (समाजशास्त्र) और एमबीए (ट्रैवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट) शामिल हैं।
इन पाठ्यक्रमों के जरिए विद्यार्थी भौगोलिक दूरी और समय की बाध्यता के बिना डिजिटल माध्यम से अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे। विश्वविद्यालय के अनुसार, ऑनलाइन व्यवस्था ऐसे विद्यार्थियों के लिए खास तौर पर उपयोगी होगी, जो नौकरी, स्थान परिवर्तन या अन्य व्यक्तिगत कारणों से परिसर में नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो पाते हैं। कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि उच्च शिक्षा को विद्यार्थियों की बदलती जरूरतों और जीवन-परिस्थितियों के अनुरूप विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कार्यक्रमों के माध्यम से विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक पहुंच उन विद्यार्थियों तक बढ़ा रहा है, जो समय, दूरी या व्यावसायिक जिम्मेदारियों के कारण पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा नहीं बन पाते। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम का लाभ देते हुए विश्वविद्यालय शैक्षणिक गुणवत्ता और अकादमिक मानकों को बनाए रखने पर भी ध्यान देगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलेगा शैक्षणिक सहयोग
सीडीओई के निदेशक प्रो. शरद उपाध्याय ने बताया कि ऑनलाइन कार्यक्रम शुरू करने का उद्देश्य केवल पारंपरिक कक्षाओं को डिजिटल माध्यम पर उपलब्ध कराना नहीं है। इसके लिए ऑनलाइन विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अध्ययन सामग्री, शैक्षणिक सहयोग और विद्यार्थी सहायता सेवाओं से युक्त डिजिटल शिक्षण व्यवस्था विकसित की जा रही है। विश्वविद्यालय की इस डिजिटल शिक्षा पहल में टीमलीज एडटेक तकनीकी भागीदार के रूप में सहयोग कर रहा है। कंपनी ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था के संचालन और प्रबंधन के लिए आवश्यक तकनीकी अवसंरचना उपलब्ध कराने में विश्वविद्यालय की मदद कर रही है।
प्रवेश प्रक्रिया शुरू
डीबीआरएयू के इन सभी आठ ऑनलाइन डिग्री कार्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक विद्यार्थी संबंधित पाठ्यक्रम की पात्रता, प्रवेश प्रक्रिया और अन्य जानकारी विश्वविद्यालय के ऑनलाइन शिक्षा पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं और वहीं से आवेदन भी कर सकते हैं। विश्वविद्यालय का कहना है कि ऑनलाइन कार्यक्रमों के विस्तार से उन विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे, जो अपनी व्यक्तिगत या व्यावसायिक जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं।
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