संवाददाता हिमांशु: कानपुर। संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में अब दलालों की मनमानी पर लगाम लगाने की तैयारी है। कार्यालय परिसर में दलालों के प्रवेश पर प्रतिबंध से संबंधित साइन बोर्ड लगाए गए हैं। इसके साथ ही अलग-अलग स्थानों पर रेट बोर्ड और कर्मचारियों के नाम व पटल संख्या दर्शाने वाले बोर्ड लगाए गए हैं। परिवहन विभाग का दावा है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य कार्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और आवेदकों को अनाधिकृत लोगों के चंगुल से बचाना है। आरटीओ प्रशासन की ओर से एआरटीओ प्रशासन कहकशां खातून के साथ कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने विभिन्न पटल और परिसर में लगाए गए साइन बोर्ड व रेट बोर्ड की स्थिति देखी। इस दौरान आम लोगों को जागरूक करते हुए अपील की गई कि वे अपना काम स्वयं कराएं और किसी दलाल अथवा अनाधिकृत व्यक्ति के माध्यम से कार्य कराने से बचें।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक विभाग की अधिकांश सेवाएं अब फेसलेस यानी ऑनलाइन हो चुकी हैं। ऐसे में आवेदक स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर अपने कार्यों का निस्तारण करा सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन सुविधाओं के बढ़ने के बाद आवेदकों को दलालों के सहारे कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। आरटीओ प्रशासन राकेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि परिवहन आयुक्त के निर्देश पर प्रदेशभर के परिवहन कार्यालयों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आरटीओ कार्यालय परिसर में साइन बोर्ड लगाने के साथ ही बाबुओं के पटल पर उनके नाम और सीरीज अंकित बोर्ड लगाए गए हैं। इससे आवेदकों को संबंधित कर्मचारी और पटल की पहचान करने में आसानी होगी और उन्हें इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। राकेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कार्यालय परिसर में दलालों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए विभाग की ओर से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति के माध्यम से अपना काम न कराएं और सीधे संबंधित पटल पर जाकर कार्य कराएं। उन्होंने कहा कि कार्यालय में किसी प्रकार की परेशानी होने पर आवेदक एआरटीओ प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं। उनकी समस्या का तत्काल समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। विभाग की इस पहल से कार्यालय आने वाले आवेदकों को निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क की जानकारी सीधे उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
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