Thursday, September 17, 2026
Breaking News
Home » मुख्य समाचार » किसानों की समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही पर भड़के जिलाधिकारी

किसानों की समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही पर भड़के जिलाधिकारी

चंदौली। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। बैठक में किसानों ने विभिन्न समस्याएं उठाईं, जिनके त्वरित निस्तारण के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक के दौरान बंधी डिवीजन के सहायक अभियंता (एई) द्वारा जिम्मेदारी के निर्वहन में लापरवाही बरते जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने एई को फटकार लगाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि किसान अपनी समस्याओं को लेकर परेशान हैं और उनका समयबद्ध निस्तारण संबंधित अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

किसानों ने कटशीला से जमुनीपुर माइनर की साफ-सफाई न होने का मुद्दा भी उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तत्काल माइनर की सफाई कराने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। किसान दिवस में बिजली आपूर्ति और लो-वोल्टेज, जल निगम से संबंधित पेयजल समस्याओं, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के नालों की बेहतर साफ-सफाई तथा पुरानी नहरों के जीर्णोद्धार से जुड़ी समस्याएं भी किसानों ने उठाईं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर रणनीति बनाकर ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी न उठानी पड़े।

मरुई गांव में गढ़ई के कुछ हिस्से को पाटकर किए गए अवैध कब्जे के मामले में कुछ लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जानकारी भी बैठक में दी गई। जिलाधिकारी ने कब्जे में संलिप्त सभी लोगों के खिलाफ जांच के बाद नियमानुसार विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता चंद्र प्रभा सहित विद्युत, सिंचाई और कृषि विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने किसानों को आश्वासन दिया कि बैठक में उठाई गई प्रत्येक समस्या का समयबद्ध तरीके से निस्तारण कराया जाएगा। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।