Saturday, September 19, 2026
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एम्स रायबरेली में विश्व रोगी सुरक्षा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम

रायबरेली। विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2026 के अवसर पर एम्स रायबरेली के अस्पताल प्रशासन विभाग के क्वालिटी सेल की ओर से कार्डियोलॉजी ओपीडी में गैर-संचारी रोगों के लिए सुरक्षित देखभाल’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन ने बोर्ड रूम से कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने संस्थान में रोगी सुरक्षा की संस्कृति को मजबूत करने के महत्व पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गैर-संचारी रोगों से पीड़ित मरीजों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार तथा रोके जा सकने वाले नुकसान को कम करने में मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम का उद्देश्य मरीजों, तीमारदारों, स्वास्थ्य पेशेवरों और छात्रों के बीच गैर-संचारी रोगों, विशेष रूप से हृदय रोगों और अन्य पुरानी बीमारियों की रोकथाम, निदान एवं उपचार में रोगी सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करना था।

कार्यक्रम के दौरान कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आशीष जैन ने सुरक्षित एवं समय पर हृदय संबंधी देखभाल, चिकित्सक द्वारा बताए गए उपचार का पालन, नियमित फॉलो-अप, जीवनशैली में आवश्यक बदलाव तथा अपनी देखभाल में मरीजों की सक्रिय भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. सुयश सिंह ने पुरानी एवं न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के प्रबंधन में रोगी सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने चेतावनी के संकेतों की समय रहते पहचान, शीघ्र चिकित्सकीय परामर्श, दवाओं के निर्धारित तरीके से सेवन और रोकी जा सकने वाली जटिलताओं से बचाव पर जोर दिया। अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि रोगी सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें मरीज, तीमारदार और सभी श्रेणियों के स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका होती है। उन्होंने सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी संवाद, मानक प्रोटोकॉल का पालन और निरंतर गुणवत्ता सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। जागरूकता कार्यक्रम के तहत नर्सिंग छात्रों ने कार्डियोलॉजी ओपीडी में एक नाटक प्रस्तुत किया। इसमें गैर-संचारी रोगों की देखभाल से जुड़ी रोगी सुरक्षा की सामान्य स्थितियों को प्रदर्शित किया गया। नाटक के माध्यम से दवाओं के निर्धारित तरीके से सेवन, चिकित्सा संबंधी जानकारी के सही आदान-प्रदान, चेतावनी के संकेतों की पहचान, नियमित फॉलो-अप और स्वास्थ्य संबंधी निर्णयों में मरीज की सक्रिय भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया गया। इस इंटरैक्टिव प्रस्तुति के माध्यम से रोगी सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों को सरल एवं प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम का समापन मरीजों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने तथा गैर-संचारी रोगों से पीड़ित लोगों के लिए सुरक्षित, मरीज-केंद्रित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के प्रति एम्स रायबरेली की सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ।