♦ ई-रिक्शा पर निर्भरता होगी कम
♦ चार रूटों पर चलेंगी 50 एसी मिनी बसें
♦ दूसरे जिलों के लिए भी 50 बसें प्रस्तावित
मथुरा। ठाकुर बांकेबिहारी की नगरी वृंदावन में चरमराई यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रदेश सरकार सार्वजनिक परिवहन का दायरा बढ़ाने जा रही है। श्रद्धालुओं को मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों तक सुगम आवागमन उपलब्ध कराने के लिए वृंदावन में 100 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी है। इनमें 50 वातानुकूलित मिनी बसें शहर के चार रूटों पर और 50 बसें दूसरे जिलों के रूट पर संचालित की जाएंगी। करीब दो माह बाद शुरू होने वाली इस सेवा से ऑटो और ई-रिक्शा पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
सिटी बस प्रभारी राधाकृष्ण के अनुसार, सात मीटर लंबी 14 सीटर एसी मिनी बसें सुबह से शाम तक निर्धारित रूटों पर चलेंगी। पहला रूट रुक्मिणी विहार मल्टीलेवल पार्किंग से प्रेम मंदिर, इस्कॉन, विद्यापीठ चौराहा और अटल्ला चुंगी होते हुए रंगजी मंदिर तक प्रस्तावित है। बसें इसी मार्ग से वापस भी लौटेंगी।
दूसरा रूट वैष्णो देवी मंदिर से प्रेम मंदिर, चैतन्य विहार ओवरब्रिज, मथुरा मार्ग और अटल्ला चुंगी होते हुए कात्यायनी मंदिर तक होगा। इस मार्ग पर भी बसों का संचालन दोनों दिशाओं में किया जाएगा। शेष दो रूटों का निर्धारण भी प्रस्तावित है।अधिकारियों के मुताबिक, शहर में 50 मिनी बसें रखने का उद्देश्य श्रद्धालुओं को लगातार सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है, ताकि मंदिरों तक पहुंचने के लिए उन्हें ऑटो और ई-रिक्शा पर निर्भर न रहना पड़े।
दूसरे शहरों तक भी मिलेगी सुविधा
वृंदावन से दूसरे शहरों के लिए 12 मीटर लंबी 50 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें भी बेड़े में शामिल की जाएंगी। इनमें 42 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। एक बार चार्ज होने पर करीब 300 किलोमीटर तक चलने वाली इन बसों का संचालन वृंदावन से हाथरस, आगरा और जेवर एयरपोर्ट तक प्रस्तावित है। नई बस सेवा शुरू होने से श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को भी सुगम और बेहतर सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
Jansaamna