➤ 15 से अधिक गांवों को मिलेगा लाभ, एनएच-530बी, एनएच-509 और हाथरस-जलेसर मार्ग से कनेक्टिविटी होगी बेहतर
हाथरस। नगला भुस-मीतई तिराहे से पुराने एनएच-530बी तक प्रस्तावित 8.2 किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख मार्गों से कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। सात मीटर चौड़े इस बाईपास के निर्माण पर करीब 145.14 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ परियोजना की समीक्षा करते हुए निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में डीएम ने शासन स्तर से उठाई गई आपत्तियों का तत्काल निस्तारण करने और संशोधित प्रस्ताव आवश्यक अभिलेखों के साथ दोबारा भेजने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि बाईपास निर्माण की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और सभी औपचारिकताएं निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएं।
15 से अधिक गांवों को मिलेगा लाभ
प्रस्तावित बाईपास से पापरी, कटैलिया, पैकवाड़ा, कुम्हरई, गढ़ी जैनी, टिपरस, गढ़ी गिरधरा, बौजिया, सोखना, रूहेरी, मीतई, कलवारी, तरफरा, ढकपुरा और दादनपुर सहित आसपास के कई गांवों को लाभ मिलने की उम्मीद है। बाईपास बनने से इन गांवों के लोगों को प्रमुख मार्गों तक पहुंचने में सुविधा मिल सकेगी।
प्रमुख मार्गों से बेहतर होगा संपर्क
प्रस्तावित बाईपास के जरिए एनएच-530बी, एनएच-509 और हाथरस-जलेसर मार्ग सहित अन्य प्रमुख सड़कों से संपर्क बेहतर होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, यातायात संबंधी आंकड़ों और तकनीकी मानकों को ध्यान में रखते हुए परियोजना का डिजाइन तैयार किया गया है। डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सभी आवश्यक औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूरी करने और संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजकर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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