Saturday, October 24, 2026
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आरेडिका में ‘रेल जन संवाद’, विद्यार्थियों ने जानी आधुनिक रेल तकनीक और सुरक्षा की बारीकियां

➤ एआई तकनीक, कोच निर्माण, जल संरक्षण और हरित ऊर्जा पर विद्यार्थियों ने पूछे सवाल
रायबरेली। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका), रायबरेली में स्वच्छता ही सेवा विशेष अभियान-6 के तहत 22 अक्टूबर 2026 को ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाप्रबंधक राम कृष्णन के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में लालगंज क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने भारतीय रेलवे की आधुनिक कार्यप्रणाली, रेल डिब्बों के निर्माण, तकनीकी नवाचारों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर गहरी रुचि दिखाई।
विद्यार्थियों के सवालों से जीवंत हुआ संवाद
कार्यक्रम में महाप्रबंधक राम कृष्णन ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें आरेडिका की कार्यप्रणाली, रेल डिब्बों के निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं, आधुनिक मशीनों और तकनीकी नवाचारों की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने भी अपने सवालों के माध्यम से संवाद में सक्रिय भागीदारी की और रेलवे की कार्यप्रणाली को समझने का प्रयास किया। इस दौरान स्वच्छता, स्वस्थ वातावरण, पानी का पुनः उपयोग, ऊर्जा संरक्षण, रेल यात्रा में सुरक्षा एवं संरक्षा, कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार, सतत विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और बायो टॉयलेट जैसे विषय प्रमुख रहे। विद्यार्थियों ने यह जानने में विशेष रुचि दिखाई कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से रेल डिब्बों की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता और सुरक्षा में किस प्रकार सुधार किया जा सकता है। छात्र-छात्राओं ने दिव्यांगजनों और गर्भवती महिलाओं के लिए रेलवे की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं तथा ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट के बारे में भी सवाल पूछे। अधिकारियों ने यात्रियों की सुविधा, सुरक्षित रेल यात्रा और समावेशी यात्री सेवाओं से संबंधित जानकारी देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों की ओर से दिए गए सुझावों को भविष्य में विचार के लिए नोट किया गया।
जल संरक्षण और हरित ऊर्जा पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को आरेडिका में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि कारखाने में वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण, जल पुनर्चक्रण, पौधरोपण और हरित क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कारखाने में प्रतिवर्ष लगभग 750 मिलियन लीटर जल के संचयन की व्यवस्था की जा रही है। ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में भी आरेडिका की ओर से किए जा रहे प्रयासों से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। कारखाने की कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता लगभग 6.73 मेगावाट बताई गई। सौर ऊर्जा के उपयोग से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने और बिजली खर्च में बचत करने में मदद मिल रही है। विद्यार्थियों को प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, स्वच्छता बनाए रखने और एकल उपयोग वाले प्लास्टिक से बचने के महत्व के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों ने इन प्रयासों को सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश
महाप्रबंधक राम कृष्णन ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम उन्हें भारतीय रेलवे की उपलब्धियों, आधुनिक तकनीकों और भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराने का प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे आयोजन युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी रूपेश श्रीवास्तव, मुख्य डिजाइन इंजीनियर कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक के सचिव डीके सक्सेना, वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी नीरज श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी अनिल श्रीवास्तव सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं और अन्य रेलकर्मी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने ‘रेल जन संवाद’ को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से उन्हें रेलवे की कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीकों, पर्यावरण संरक्षण और यात्री सुविधाओं को करीब से समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों और भारतीय रेलवे के बीच संवाद स्थापित करने के साथ ही युवाओं में तकनीकी जागरूकता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित किया। उक्त जानकारी मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डीके सक्सेना ने दी।