Saturday, October 24, 2026
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मथुरा-वृंदावन के बंद रेल ट्रैक पर बनेगी फोरलेन सड़क

➤ शासन ने लोक निर्माण विभाग से मांगा प्रस्ताव, 11.80 किलोमीटर लंबे मार्ग से मिलेगी जाम से राहत

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा से ठाकुर बांके बिहारी की नगरी वृंदावन तक का सफर आसान बनाने की तैयारी तेज हो गई है। मथुरा-वृंदावन के बीच बंद पड़े रेल मार्ग पर फोरलेन सड़क बनाने की योजना को आगे बढ़ाने के लिए शासन स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव सोमनाथ ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष को ई-मेल भेजकर परियोजना की कार्ययोजना मांगी है। इसे अति महत्वपूर्ण बताते हुए प्रस्ताव हर हाल में शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जाम से मिलेगी राहत, वैकल्पिक मार्ग की तैयारी

शासन की ओर से भेजे गए ई-मेल में आगरा मंडलायुक्त की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इसमें बताया गया है कि मथुरा और वृंदावन के बीच फिलहाल एक ही प्रमुख मार्ग से आवागमन होता है। इस मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक रहता है। स्टेट बैंक चौराहे से भूतेश्वर तक अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में वैकल्पिक मार्ग विकसित होने से यातायात का दबाव कम करने और लोगों का सफर सुगम बनाने में मदद मिल सकती है। मथुरा विजन-2030 के तहत निष्प्रयोज्य हो चुके रेलवे ट्रैक पर सड़क बनाने की परियोजना प्रस्तावित की गई है। अब शासन ने इस योजना की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।

11.80 किलोमीटर लंबा है रेल मार्ग

मथुरा-वृंदावन के बीच बंद पड़े रेलवे ट्रैक की लंबाई करीब 11.80 किलोमीटर है। इसके लिए कुल 35.5703 हेक्टेयर भूमि का उल्लेख किया गया है। भूमि की लागत के रूप में 407.16 करोड़ रुपये का अनुमानित प्रस्ताव वरिष्ठ मंडल अभियंता (प्रथम), उत्तर मध्य रेलवे और मंडल रेल प्रबंधक (कार्य), आगरा को भेजा जा चुका है।

पीडब्ल्यूडी और विकास प्राधिकरण उठाएंगे खर्च

परियोजना के तहत भूमि की लागत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को वहन करनी है, जबकि सड़क निर्माण की लागत मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण उठाएगा। शासन ने लोक निर्माण विभाग से कार्ययोजना मांगी है, जिससे प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जा सके। फोरलेन सड़क बनने से मथुरा और वृंदावन के बीच आवागमन के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध हो सकता है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना की स्वीकृति, निर्माण शुरू होने की तारीख और काम पूरा होने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।