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प्रोफेसर ई वी गिरीश ने बताया बच्चों को पालने का सटीक तरीका

फिरोजाबादः जन सामना संवाददाता। गांधी पार्क में आयोजित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा पांच दिवसीय शिविर के तीसरे दिन मुंबई से पधारे प्रोफेसर ई वी गिरीश भाई ने बच्चों को पालने की कला पर सटीक भाषा और उदाहरण देकर बताया कि मानव प्यार से सामने वाले को अपना बना सकता है। मानव जीवन सभी चीजों में कंफर्टेबल चाहता है। जब कंफर्टेबल नहीं रहता है तो खुशी छिन जाती है ।अगर व्यक्ति को इच्छित बस्तु सुलभ नहीं हो पाए तो भी खुशी काफूर हो जाती है ऐसा क्यों। खुशी तो अर्जित करने की चीज है । खुशी बांटने की चीज है इसे छीनता कौन है हम खुद हैं । उन्होंने कहा कि जीवन का सिद्धांत यह कहता है कि हमें हमेशा अच्छा रहना है ।अच्छा सोचना है। अच्छा सोचना ही मानो खुशी को उत्पन्न करना है। अपनी बात एक आतंकवादी भी मनवाता है, महात्मा गांधी ने भी अपनी बात मनवाई, श्रीकृष्ण ने भी अपनी बात मनवाई लेंकिन कर्तव्य और तरीका अलग था। मां भी अपनी बात अपने बेटे से मनवाना चाहती है किन्तु गुस्सा करके । यह गलत है समझाने का तरीका भी होता है। आप प्यार से समझाइए ,सलीके से समझाइए तो वह बात मान जाएगा।
उन्होंने कहा कि मैं पहले भी बता चुका हूं कि क्रोध एक अग्नि है,जो आपको बर्बाद कर देगी आप खुद को बर्बाद क्यों कर रहे हैं। जब मनुष्य गुस्सा करता है तो शरीर में एक अलग तरीके का रसायनिक चेंज होता है। मेटाबोलिक परिवर्तन होता है। गुस्सा करोगे तो बीमारी होने की संभावनाएं बढ़ जाएगी। हृदयघात की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। प्रोफेसर गिरीश ने कहा कि बच्चे को प्यार से समझाइए। प्यार की भाषा बोलिए तो उसके अंतर्मन में सुरक्षा की भावना पैदा होगी और आपके बताए अनुसार आपका बच्चा काम करेगा। आप क्रोध करके आप बच्चे को क्रोध का संस्कार दे रहे हैं। मन की शक्ति से उसके मन को जगाएं। लेकिन हम क्या करते हैं अगर आपका बच्चा मंदिर में जलते हुए दीपक की तरफ हाथ बढ़ाता है तो आप उसे डांट कर खींच लेते हैं उसे समझांने कोशिश नही करते अगर आप बहुत प्यार से उसका हाथ पकड़कर उस जलती हुई लौ के थोड़ा दूर ले कर जाएं तो उसे गर्माहट का एहसास होगा अगली बार उस जलते हुए दीपक को छूने का प्रयास नहीं करेगा।यह हुआ माता पिता का अपने बच्चे के प्रति सकारात्मक प्यार का प्रयास। कार्यक्रम में ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय की संचालिका सरिता बहन , मेयर नूतन राठौर, उप नगर आयुक्त प्रमोद, प्रमुख उद्यमी देवीचरन अग्रवाल, शंकर गुप्ता,राज धाकरे, जीके शर्मा, शंकर गुप्ता, मंगल सिंह राठौर, शैलेंद्र गुप्ता शैली , पार्षद विजय शर्मा, राकेश गोयल, पंकज गुप्ता संग सैकड़ो की संख्या में महिला पुरुष मौजूद थे।