घाटमपुर/कानपुर, शिराजी। शुक्रवार को नंदना स्थित पुरुषोत्तम श्रीराम पीजी कॉलेज में गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली त्रिदिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का आज समापन हो गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में पहुंचे समरजीत सिंह यादव सदस्य जिला पंचायत पडली लालपुर व महाविद्यालय के प्रबंधक /चेयरमैन मनोज सिंह भदोरिया ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में विजई छात्र-छात्राओं को मेडल व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रबंधक मनोज सिंह भदोरिया ने कहा कि स्वस्थ जीवन और सफलता के लिए व्यक्ति को शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है। किसी भी व्यक्ति की सफलता मानसिक व शारीरिक ऊर्जा पर निर्भर करती है। तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता में तीसरे दिन बालक वर्ग की वालीबाल प्रतियोगिता में निर्भय सिंह की टीम विजई रही।
पुरुषोत्तम श्रीराम डिग्री कॉलेज में द्वितीय दिवस की प्रतियोगिता संपन्न
घाटमपुर/कानपुर, शिराजी। क्षेत्र के ग्राम नन्दना स्थित पुरुषोत्तम श्रीराम पीजी कॉलेज में आयोजित त्रि दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के आज दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भाजपा नेता कमलेश त्रिवेदी, सुरेश द्विवेदी व महाविद्यालय के प्रबंधक /चेयरमैन मनोज सिंह भदोरिया द्वारा प्रतियोगिता का शुभारंभ कराया गया। प्रतियोगिता में विजई छात्र-छात्राओं को मेडल व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। तथा चेयरमैन मनोज भदौरिया ने छात्र छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की। बालक वर्ग में 200 मीटर दौड़ में क्रमशः शिवम कुशवाहा अरुण कुमार अंकित कुमार ने प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त किया। ऊंची कूद प्रतियोगिता में शिवम कुशवाहा मयंक कुमार अरुण कुमार ने बालिका वर्ग की 100 मीटर दौड़ में संयोगिता सचान तान्या मिश्रा गायत्री, ऊंची कूद में नेहा पूजा व रितिका ने प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। आए अतिथियों में दिनेश सिंह कुशवाहा, रणविजय सिंह चंदेल, डॉ उदय नारायन सचान, प्रधान तेजपुर कल्लू यादव, हरिशंकर, श्याम बाबू, संजीव, आरके सिंह, जितेंद्र सचान, अरुण मिश्रा, अविनाश यादव, जयराम धर्मवीर आदि लोग मौजूद रहे महाविद्यालय के प्राचार्य महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा आए अतिथियों का स्वागत व सम्मान किया गया। महाविद्यालय के शिक्षक केके यादव, अरविंद कुमार, पवन कुमा,र दिव्या शुक्ला, शालनी, पूजा सचान, मीना दुबे, पुष्पा पांडे प्राचार्य श्री राम ला कालेज विपिन यादव, रणधीर सिंह, विजय, संजय सिंह, शिवम सुरेंद्र, सौरभ, सुरजीत, जितेंद्र, दीपक, धीरू, राहुल, सोम, ज्ञान सिंह, अवधेश, पप्पू वर्मा आदि लोगों द्वारा प्रतियोगिता की व्यवस्था संभाली गई। कार्यक्रम का संचालन अलका सिंह द्वारा किया गया।मतदाता दिवस पर सिविल जज ने कराया शपथ ग्रहण
घाटमपुर/कानपुर, शिराजी। शुक्रवार सुबह मतदाता दिवस पर सिविल जज जूनियर डिविजन न्यायालय हाल में न्यायाधीश रामगोपाल यादव द्वारा मौजूद न्यायालय कर्मियों अधिवक्ताओं मुंशी एवं अन्य कर्मचारियों को शपथ ग्रहण करवाते हुए शपथ दिलवाई की हम भारत के नागरिक लोकतंत्र में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए यह शपथ लेते हैं, कि हम अपने देश की लोकतांत्रिक परंपराओं की मर्यादा को बनाए रखेंगे तथा स्वतंत्र निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्य रखते हुए निर्भीक होकर धर्म वर्ग जाति समुदाय भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस मौके पर सिविल जज जूनियर डिविजन रामगोपाल यादव के अलावा वरिष्ठ लिपिक शिवराम पचौरी पेशकार जगदीश चंद्र यादव लिपिक विमलेश तिवारी हनुमान यादव जयंत सिंह धर्म चंद्र कमलेश सिंह तथा वरिष्ठ अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह बार एसोसिएशन महामंत्री रामगोपाल कुरील सूर्य प्रताप भान सिंह माधुर्य सिंह सचान मनीष बाजपेई सत्यनारायण शर्मा अशोक कुमार राजेश सोनकर अभिषेक सचान इरशाद मंसूरी नीरज प्रजापति आदि आधा सैकड़ा अधिवक्ता जूनियर अधिवक्ता मुंशी मौजूद रहे।
नेता जी सुभाषचन्द्र बोस की जयन्ती मनाई
कानपुर। कांग्रेस सेवादल यंग ब्रिगेड कानपुर नगर ग्रामीण कैंप कार्यालय मेहरबान सिंह का पुरवा में नेता जी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती भव्यता के साथ मनाई गई। मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष संगीत तिवारी ने बताया तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा….! जय हिन्द। जैसे नारों से आजादी की लड़ाई को नई ऊर्जा देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों में शुमार होते हैं जिनसे आज के दौर का युवा वर्ग प्रेरणा लेता है। उनका ‘जय हिन्द’ का नारा भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया। उन्होंने सिंगापुर के टाउन हाल के सामने सुप्रीम कमांडर के रूप में सेना को संबोधित करते हुए दिल्ली चलो का नारा दिया। गांधी जी को राष्ट्रपिता कहकर सुभाष चंद्र बोस ने ही संबोधित किया था। जलियांवाला बाग कांड ने उन्हें इस कदर विचलित कर दिया कि वह आजादी की लड़ाई में कूद पड़े। उनकी जयंती पर पुष्प अर्पित किए। जिला अध्यक्ष सुशील सोनी ने बताया कि नेता जी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 में हुआ था। उन्होंने पहले भारतीय सशस्त्र बल की स्थापना की थी जिसका नाम आजाद हिंद फौज रखा गया था। उनके तुम मुझे खून दो मैं, तुम्हें आजादी दूंगा के नारे से भारतीयों के दिलों में देशभक्ति की भावना और बलवान होती थी। आज भी उनके इस नारे से सभी को प्रेरणा मिलती है।
गंगा यात्रा के आयोजन को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक
27 जनवरी को जनपद के प्रभारी मंत्री बलुआ घाट पर करेंगे गंगा आरती का शुभारम्भनिशुल्क नेत्र शिविर में 174 मरीजों का परीक्षण
हिंदू मुस्लिम तहजीब की पहचान है उर्दू
26 जनवरी को घाटमपुर में आयोजित होगी सद्भावना एकता यात्रा
घाटमपुर / कनपुऱ, शिराजी। पिछले कुछ वर्षों से समाजसेवक युवा जन संगठन के द्वारा थीम गणतंत्र एकता यात्रा का एक जज्बा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष यह तीसरा आयोजन होगा जो संगठन के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। संगठन के अध्यक्ष व संस्थापक आलोक पांडे द्वारा घाटमपुर में इस परंपरा की नींव रखी गई है। अध्यक्ष अपूर्व भदौरिया ने बताया कि यह परंपरा के रूप में हर साल आयोजित किया जा रहा है। व युवाओं में इस कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साह है। सामूहिक झंडारोहण व राष्ट्रगान मां कुष्मांडा देवी प्रांगण में प्रात: 9: 00 बजे आयोजित किया जाएगा। व इसके पश्चात यात्रा नगर भ्रमण करेंगे सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक समरसता के लिए तिरंगा एकता यात्रा मां कुष्मांडा देवी से शुरू होकर चौराहा होते हुए नगर पालिका परिषद गजमपुर में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर समापन किया। माँ कुष्मांडा देवी मंदिर में किया जाएगा। उक्त जानकारी ठाकुर चंद्रवीर सिंह, आलोक पांडेय अपूर्व भदौरिया द्वारा दी गई।
Read More »राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार
घाटमपुर/कानपुर, शिराजी। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बिराहिनपुर में सियाचिन ग्लेशियर में शहीद सेना के जवान धर्मेंद्र सिंह के पैतृक गांव में शहीद का अंतिम संस्कार सेना सम्मान के साथ किया गया। ज्ञात हो कारगिल के द्रास सेक्टर में गुरुवार को बर्फीले तूफान में शहीद बिराहिनपुर (घाटमपुर) निवासी सेना के जवान धर्मेंद्र उर्फ बबलू 40 वर्ष का शव रविवार सुबह जब घर पहुंचा तो पूरा गांव रो पड़ा, जवान के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांवों के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौजूद रही, फूलों से सजी सेना की गाड़ी जब गांव पहुंची तो हर आंख में आंसू थे। पतारा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम बिराहिनपुर निवासी धर्मेंद्र उर्फ बबलू ने 1999 में सेना ज्वाइन की थी। शहीद जवान धर्मेंद्र की शादी सन 2002 में सुनीता से हुई थी। इनके दो बेटे उत्कर्ष सिंह 16 वर्ष व राजवर्धन सिंह 9 वर्ष है। जो चंडीगढ़ स्थित बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते हैं। हवलदार धर्मेंद्र की मां शिव देवी व दो बड़े भाई गांव में रहकर खेती किसानी करते हैं। गुरुवार को मशकोह वैली में सेना की एक चौकी हिमस्खलन की चपेट में आ गई थी। जिसमें धर्मेंद्र उर्फ बबलू 40 वर्ष शहीद हो गए। तथा कई साथी जवान घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं। शहीद हवलदार धर्मेंद्र सिंह उर्फ बबलू के पार्थिव शरीर को परिजनों के साथ साथ ग्रामीणों व सेना के जवानों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की,व शोक व्यक्त किया। शहीद धर्मेंद्र के पार्थिव शरीर को गार्ड आफ आनर देने के बाद बड़े बेटे उत्कर्ष द्वारा मुखाग्नि दिलवाई गई।
शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए हर आंख में आंशू
घाटमपुर / कानपुर, शिराजी। सियाचिन ग्लेशियर में शहीद हुई सेना के जवान को शासन की ओर से मदद देते हुए आगे भी मदद का आश्वासन दिया गया है। ‘रविवार को शहीद के पैतृक गांव में अंतिम संस्कार के अवसर पर पहुंची काउंटर मंत्री कमल रानी वरुण, वरिष्ठ सपा नेता विजय सचान, भाजपा सांसद देवेंद्र सिंह भोले, विधायक अभिजीत सिंह सांगा,प्रशासन की ओर से पहुंचे अपर जिलाधिकारी कानपुर एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह उप। जिलाधिकारी वरुण कुमार पांडे पुलिस क्षेत्राधिकारी रवि कुमार सिंह आदि शासन प्रशासन के लोग मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरुण ने शोक व्यक्त करते हुए बताया कि शहीद धर्मेंद्र सिंह के दो बेटों के बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। शहीद धर्मेंद्र ने साहसपुरी का परिचय दिया और अपने साथियों की जान बचाने में अपनी जान दे दी। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा 5 बीघा जमीन गांव में दी गई है।इसके साथ ही प्रदेश सरकार शहीद धर्मेंद्र के परिवार को आगे भी सुविधाएं मुहैया करवाएगी। कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरुण ने शहीद के शव पर माला पहनाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। ग्रामीणों ने शहीद धर्मेंद्र सिंह अमर रहे के नारे लगाए व शहीद जवान के अंतिम दर्शन के लिए तांता लगा कर श्रद्धांजलि दी। सेना के अधिकारियों व जवानों ने अपने शहीद जवान को गार्ड आफ आनर दिया। और उन्हें अंतिम प्रणाम किया। इसके बाद सेना के जवान पार्थिव
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