➤ ओजीरो वेस्ट महोत्सव में दिखेगी मिशन शक्ति की सोच, पिंक रिट्रीट से ‘आंचल’ तक महिला श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम
विश्व बंधु शास्त्री: बागपत। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आस्था के प्रमुख केंद्र पुरा महादेव में इस बार हर-हर महादेव के जयघोष के साथ नारी सम्मान का संदेश भी गूंजेगा। हरिद्वार से गंगाजल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचने वाले कांवड़ियों की आस्था यात्रा को बागपत प्रशासन ने जीरो वेस्ट महोत्सव के जरिए एक नया आयाम दिया है। ‘भक्ति भी, प्रकृति भी’ के संकल्प में अब ‘नारी सम्मान भी’ जुड़ गया है। प्रधानमंत्री के नारी वंदन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति की भावना को मेला व्यवस्थाओं से जोड़ते हुए महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं तैयार की गई हैं। पुरा महादेव केवल बागपत ही नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र है। सावन की कांवड़ यात्रा के दौरान दूर-दराज से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। कांवड़ यात्रा में महिलाओं की बड़ी भागीदारी को देखते हुए जिलाधिकारी अस्मिता लाल के नेतृत्व में प्रशासन ने इस बार उनकी सुविधाओं को विशेष प्राथमिकता दी है। उद्देश्य है कि आस्था की राह में सुविधाओं की कमी किसी महिला श्रद्धालु की यात्रा को प्रभावित न करे।
कबाड़ बस बनी ‘द पिंक रिट्रीट’
महिला श्रद्धालुओं के लिए तैयार किया गया ‘द पिंक रिट्रीट’ इस बार की खास पहल है। अनुपयोगी पड़ी बस को हटाने के बजाय उसका कायाकल्प कर पिंक थीम वाले महिला सुविधा केंद्र में तब्दील किया गया है। इस पिंक बस में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यानी जो संसाधन कभी अनुपयोगी समझा जा रहा था, वही अब महिला श्रद्धालुओं की सुविधा का माध्यम बनेगा। ‘वेस्ट से बेस्ट’ की यह पहल जीरो वेस्ट महोत्सव की मूल भावना को भी मजबूत करती है। इससे न केवल कचरा कम करने का संदेश मिलता है, बल्कि उपलब्ध संसाधनों के रचनात्मक उपयोग की मिसाल भी सामने आती है।
पिंक शिविरों में आराम और राहत
पुरा महादेव मंदिर क्षेत्र में महिलाओं के लिए पिंक थीम पर चार विशेष शिविर स्थापित किए गए हैं। लंबी कांवड़ यात्रा और दर्शन के बाद महिला श्रद्धालु यहां आराम कर सकेंगी। शिविरों में बेड, पंखे और पेयजल की व्यवस्था की गई है। भीड़भाड़ वाले मेला क्षेत्र में महिलाओं के लिए अलग विश्राम स्थल उपलब्ध होने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। यह व्यवस्था इस सोच को दर्शाती है कि महिला श्रद्धालुओं की सुविधा भी मेला प्रबंधन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
‘आंचल’ में मां को निजता, शिशु को सुकून
छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाली माताओं की जरूरतों का भी प्रशासन ने विशेष ध्यान रखा है। पुरा महादेव क्षेत्र में ‘आंचल’ स्तनपान कक्ष स्थापित किया गया है। यहां माताएं अपने शिशु को सुरक्षित, स्वच्छ और निजी वातावरण में स्तनपान करा सकेंगी। इस पहल के जरिए महिला श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था के साथ उनके मातृत्व की जरूरत और गरिमा का भी ध्यान रखा गया है।
‘वूमेन डॉक्टर्स ऑन बाइक’ देंगी तत्काल स्वास्थ्य सेवा
महिला श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए ‘वूमेन डॉक्टर्स ऑन बाइक’ सेवा सक्रिय रहेगी। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में महिला डॉक्टर बाइक से तेजी से पहुंचकर जरूरतमंद महिलाओं को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराएंगी। खासकर बुजुर्ग महिलाओं और अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना करने वाली श्रद्धालुओं के लिए यह पहल काफी उपयोगी साबित होगी।
20 ई-रिक्शा निशुल्क सेवा में रहेंगे
पुरा महादेव पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बालैनी मार्ग से आवागमन हेतु 20 ई-रिक्शाओं का निशुल्क संचालन किया जाएगा। परिवहन विभाग की पहल पर शुरू की गई इस सेवा को शनिवार को जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। निशुल्क ई-रिक्शा सेवा से महिलाओं के साथ ही दिव्यांगों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को भी आवागमन में राहत मिलेगी।
मेला व्यवस्थाओं में दिखेगी मिशन शक्ति की झलक
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। पुरा महादेव में महिला श्रद्धालुओं के लिए तैयार की गई विशेष व्यवस्थाएं इसी सोच को धार्मिक आयोजन के स्तर पर आगे बढ़ाती नजर आ रही हैं। पिंक टॉयलेट, महिला विश्राम शिविर, ‘आंचल’ मातृत्व कक्ष और त्वरित स्वास्थ्य सेवा जैसी सुविधाओं के जरिए मिशन शक्ति का संदेश धरातल पर दिखाई देगा। वहीं, प्रधानमंत्री के नारी वंदन विजन के अनुरूप महिलाओं की भागीदारी को सहज, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने की भावना भी इन व्यवस्थाओं में नजर आती है। पुरा महादेव में इस बार कांवड़ियों के कदम गंगाजल लेकर शिवधाम की ओर बढ़ेंगे, तो मेला व्यवस्थाएं भी एक नए संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगी—भक्ति ऐसी हो जो प्रकृति को बचाए और व्यवस्था ऐसी हो, जिसमें नारी को सम्मान मिले। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी विनीत कुमार उपाध्याय, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी विपिन कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. यशवीर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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