फिरोजाबाद। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में ‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। वाद-विवाद, भाषण और लघु नाटिका के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने नशे के दुष्प्रभावों और नशामुक्ति के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. योगेश कुमार गोयल ने कहा कि नशामुक्त भारत के निर्माण की शुरुआत सबसे पहले अपने घर और आसपास के वातावरण से करनी होगी। जब हम स्वयं जागरूक होंगे और अपने परिजनों व मित्रों को नशे से दूर रखने का प्रयास करेंगे, तभी स्वस्थ और विकसित भारत की कल्पना साकार हो सकेगी। मानसिक रोग विभाग की विभागाध्यक्ष एवं नोडल अधिकारी डॉ. अरुशिखा सिंह की देखरेख में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वाद-विवाद और भाषण प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने नशे की लत से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान पर अपने विचार रखे। प्रतिभागियों ने नशे से बचाव, युवाओं में जागरूकता और परिवार की भूमिका को भी रेखांकित किया। लघु नाटिका के माध्यम से नशे के कारण होने वाले शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। नाटिका ने उपस्थित लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक रहने और दूसरों को भी इसके प्रति सचेत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिताओं के विजेता एवं प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
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