♦ अंबियापुर रेलवे स्टेशन मार्ग की बदहाली के विरोध में सांकेतिक प्रदर्शन
♦ जलनिकासी और स्थायी मरम्मत की मांग
अंबियापुर, कानपुर देहात। अंबियापुर रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाले जर्जर एवं जलभराव से बेहाल मार्ग की बदहाली के विरोध में रविवार को ग्रामीणों ने अनूठे अंदाज में शांतिपूर्ण सांकेतिक प्रदर्शन किया। सामाजिक कार्यकर्ता सिद्धान्त सैनी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जलभराव वाले मार्ग पर कागज की नाव चलाकर शासन-प्रशासन का ध्यान समस्या की ओर आकर्षित किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में विरोध संबंधी तख्तियां लेकर मार्ग की दुर्दशा पर रोष जताया।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से मार्ग की हालत बेहद खराब है। बारिश होते ही सड़क पर जलभराव के कारण स्थिति ऐसी हो जाती है, मानो मार्ग नहीं बल्कि तालाब हो। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। वहीं, स्कूली बच्चों और रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को भी आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बदहाल मार्ग के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंबियापुर रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाला यह मार्ग आसपास के कई गांवों के लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन है। इसके बावजूद लंबे समय से इसकी मरम्मत और जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने के साथ ही जर्जर सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की।
सामाजिक कार्यकर्ता सिद्धान्त सैनी ने कहा, “हम कागज की नाव इसलिए चला रहे हैं क्योंकि बारिश होते ही यह सड़क जलभराव के कारण तालाब जैसी हो जाती है। प्रतीकात्मक रूप से यह बताने का प्रयास है कि यहां वाहन चलने के बजाय नाव चलाने की स्थिति बन गई है। हमारा उद्देश्य प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करना है। जलनिकासी की तत्काल व्यवस्था और जर्जर सड़क की स्थायी मरम्मत हमारी प्रमुख मांग है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं सांकेतिक था। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन जनहित से जुड़ी इस समस्या का संज्ञान लेकर जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगा।
प्रदर्शन में अनुभव तिवारी, मयंक त्रिवेदी, अवधेश कश्यप, विश्राम सिंह, छोटेलाल कश्यप, विनय त्रिवेदी और धर्मेंद्र कठेरिया सहित अन्य ग्रामीण एवं प्रदर्शनकारी मौजूद रहे।
Jansaamna