मथुरा। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश मुख्यालय के निर्देश पर प्रदेशभर में अनफिट एवं सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ 15 दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान ‘मिशन सेफ फ्यूचर 2.0’ शुरू किया गया है। अभियान 11 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक चलेगा। एआरटीओ (प्रवर्तन) राजेश राजपूत के निर्देशन में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन द्वितीय दल) सतेंद्र कुमार सिंह, यात्रीकर अधिकारी संदीप चौधरी और यात्रीकर अधिकारी पूजा सिंह ने जिले में संचालित स्कूली बसों, वैन तथा निजी और अनुबंधित वाहनों की जांच की। टीम ने वाहनों की फिटनेस, परमिट, प्राथमिक उपचार बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, चालकों की योग्यता और आवश्यक दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी, अनफिट वाहनों के संचालन और आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर 15 स्कूली वाहनों (बस और ईको) के चालान किए गए। वहीं, तीन स्कूली वाहनों को जिले के विभिन्न थानों में निरुद्ध किया गया।
परिवहन विभाग अभियान के तहत अनफिट वाहनों का संचालन करने वाले विद्यालयों की सूची तैयार कर उन्हें ‘रेड लिस्ट’ में शामिल कर रहा है। यह सूची जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजी जाएगी। संबंधित स्कूलों की मान्यता निरस्त करने की संस्तुति भी की जाएगी। इसके अलावा बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद वाहनों की फिटनेस नहीं कराने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 53 के तहत पंजीयन निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। एआरटीओ राजेश राजपूत ने स्कूल प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और वाहन स्वामियों को चेतावनी दी कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विद्यालयों को अपने वाहनों की तत्काल फिटनेस कराने और निर्धारित सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनफिट वाहन पाए जाने पर उन्हें जब्त करने के साथ चालकों के लाइसेंस निलंबन की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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