➤ रजिस्टर से नंबर निकाल अफसरों ने खुद मिलाया फोन
हिमांशु: कानपुर नगर। बीते 24 अगस्त को आरटीओ कार्यालय में जिला प्रशासन और पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की थी। इसके बाद से आरटीओ कार्यालय के बाबू और अधिकारी सक्रिय नजर आ रहे हैं। आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालय में अब एक नई और प्रभावी व्यवस्था शुरू की गई है। लंबे समय से निष्क्रिय पड़े हेल्प डेस्क के शिकायत एवं सुझाव रजिस्टर को आरटीओ प्रवर्तन (मंडल) राहुल श्रीवास्तव की पहल पर दोबारा सक्रिय कर दिया गया है। अब न केवल रजिस्टर में दर्ज शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है, बल्कि विभाग स्वयं आवेदकों से संपर्क कर समस्या के समाधान की स्थिति का फीडबैक भी ले रहा है। इसी क्रम में कई वर्षों से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे एक आवेदक की समस्या का कुछ ही घंटों में निस्तारण कराया गया। प्रशासनिक अधिकारी कहकशां ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई कराई। समस्या का समाधान होने के बाद आवेदक ने अधिकारी को धन्यवाद दिया और कहा कि अगर इसी तरह हर अधिकारी काम करे, तो आम जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
➤ निरीक्षण के दौरान खुद मिलाए फोन
हाल ही में हेल्प डेस्क के निरीक्षण के दौरान आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने रजिस्टर में दर्ज मोबाइल नंबरों पर खुद फोन मिलाकर आवेदकों से बातचीत की। इस दौरान एक 85 वर्षीय बुजुर्ग डॉक्टर की वाहन संबंधी समस्या सामने आई। डॉक्टर ने बताया कि निजी बैंक का कार लोन चुकता करने के बावजूद उनके वाहन से ‘हाइपोथिकेशन’ (HP) नहीं हट पा रही है। मामले की जानकारी मिलते ही आरटीओ प्रवर्तन ने संबंधित पटल से रिपोर्ट ली। जांच में पता चला कि बैंक से एनओसी नहीं मिलने के कारण प्रक्रिया रुकी हुई थी। इस पर उन्होंने तत्काल बैंक अधिकारियों से बात की। बैंक की ओर से एक घंटे के भीतर एनओसी भेजने का भरोसा दिया गया। इसके बाद बुजुर्ग डॉक्टर को फोन कर आश्वस्त किया गया कि सोमवार तक उनके वाहन से एचपी हटाने की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
➤ फीडबैक से पारदर्शी बनेगी व्यवस्था
आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव के अनुसार, हेल्प डेस्क पर शिकायत और सुझाव दर्ज करने की व्यवस्था को अब अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाया गया है। रजिस्टर में दर्ज मोबाइल नंबरों पर आवेदकों से बात कर शिकायतों के समाधान का फीडबैक लिया जा रहा है, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। वर्तमान में रजिस्टर में दर्ज चार शिकायतों में से तीन का तत्काल निस्तारण कर दिया गया है, जबकि एक लंबित शिकायत का समाधान सोमवार तक कर दिया जाएगा। शिकायत के निस्तारण के बाद इसकी जानकारी आवेदक को दी जाएगी और उनके द्वारा दिए गए फीडबैक को भी रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
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