➤ सड़क घेरकर खड़े ट्रकों से बिगड़ी यातायात व्यवस्था, नो एंट्री के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही पर सवाल
हाथरस। रोडवेज बस स्टैंड के आसपास जाम की समस्या अब गंभीर रूप लेती जा रही है। सड़क पर खड़ी रोडवेज बसों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों के बाहर सड़क घेरकर खड़े मालवाहक ट्रकों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हालात यह हैं कि राहगीरों और वाहन चालकों को निकलने तक की जगह नहीं मिलती। जाम में एंबुलेंस के फंसने से मरीजों की जान पर भी खतरा मंडराने लगा है। रोडवेज बस स्टैंड के आसपास ट्रांसपोर्ट कंपनियों के बाहर खड़े ट्रकों के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाता है। इससे दिनभर यातायात का दबाव बना रहता है और कुछ ही देर में जाम लग जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े भारी वाहनों के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। इसके बावजूद समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाते नजर नहीं आ रहे हैं।
जाम में फंसी आगरा जा रही एंबुलेंस
सबसे गंभीर स्थिति उस समय सामने आई, जब रोडवेज बस स्टैंड के पास एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के बाहर खड़े ट्रक के कारण जाम लग गया। इसी दौरान मरीज को लेकर आगरा जा रही एक एंबुलेंस जाम में फंस गई। एंबुलेंस के फंसने से मरीज को समय पर उपचार मिलने में देरी की आशंका पैदा हो गई। राहगीरों ने किसी तरह रास्ता खुलवाकर एंबुलेंस को जाम से बाहर निकलने में मदद की। इस घटना ने क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नो एंट्री के बावजूद भारी वाहन, कार्रवाई कौन करेगा?
शहर में नो एंट्री व्यवस्था लागू होने के बावजूद बड़े मालवाहक वाहनों और ट्रैक्टरों की आवाजाही की शिकायतें सामने आ रही हैं। सड़क किनारे अवैध पार्किंग रोकने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देशों के बावजूद रोडवेज बस स्टैंड क्षेत्र में हालात सुधरते नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले विभाग आखिर कब सख्ती करेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। एंबुलेंस के जाम में फंसने की घटना ने समस्या की गंभीरता उजागर कर दी है। अब देखना यह है कि प्रशासन समय रहते कार्रवाई कर सड़क को अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग से मुक्त कराता है या नहीं।
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