फिरोजाबाद। सेवारत एवं सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के निस्तारण के लिए लागू ऑनलाइन व्यवस्था को पेंशनरों ने जटिल बताते हुए विरोध जताया है। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश का कहना है कि नई प्रक्रिया के कारण विशेषकर बुजुर्ग पेंशनरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर शनिवार को एसोसिएशन की जनपद शाखा की बैठक शिकोहाबाद ब्लॉक में हुई। इसमें आगामी आंदोलन को सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई। एसोसिएशन के अनुसार, उत्तर प्रदेश शासन के 9 सितंबर 2026 के पत्र के तहत एक अक्टूबर से चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के निस्तारण के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है। पेंशनरों का कहना है कि प्रक्रिया जटिल होने के कारण वे अपने चिकित्सा बिल ऑनलाइन जमा नहीं कर पा रहे हैं। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के निस्तारण की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। एसोसिएशन ने यह सुझाव भी दिया है कि यदि ऑनलाइन व्यवस्था जारी रखनी है, तो पेंशनरों को पहले की तरह अपने दावे विभागाध्यक्ष के कार्यालय में जमा करने की सुविधा दी जाए। इसके बाद संबंधित विभाग अपने स्तर से दावों को ऑनलाइन अपलोड कर दें, ताकि बुजुर्ग पेंशनरों को परेशानी न हो। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि पेंशनरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो दो नवंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद जिलाधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। बैठक में दिनेश कुमार यादव, दर्शन सिंह, अजय सिंह, विजेंद्र सिंह, बृजपाल सिंह, प्रेम प्रकाश कुशवाहा, बृजेश कुमार, सुखदेव सिंह, घनश्याम सिंह, दलबीर सिंह, उदयवीर, योगेश बाबू, राजवीर, सरिता रानी और सूरज सिंह सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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