हाथरस। सिकंदराराऊ क्षेत्र में नहर की पुलिया क्षतिग्रस्त होने से आसपास के खेतों में जलभराव का खतरा पैदा हो गया है। किसानों को आशंका है कि यदि समय रहते पानी के बहाव पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो करीब 800 बीघा कृषि भूमि में खड़ी फसल प्रभावित हो सकती है। संभावित नुकसान को लेकर किसान चिंतित हैं और पुलिया की मरम्मत कर जलभराव रोकने की मांग कर रहे हैं। नहर की पुलिया टूटने से पानी खेतों की ओर फैलने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि पानी खेतों में भर गया, तो फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे उनकी मेहनत के साथ-साथ आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ने की आशंका है। कृषि क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था और जल निकासी का विशेष महत्व है। खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहने से फसलों की बढ़वार और उत्पादन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में सिकंदराराऊ क्षेत्र के किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा की चिंता सता रही है। संभावित नुकसान को रोकने के लिए नहर की पुलिया का जल्द निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कराना जरूरी है। इसके साथ ही पानी के बहाव को नियंत्रित करने और खेतों से जल निकासी की व्यवस्था करने की आवश्यकता है, ताकि स्थिति बिगड़ने से पहले प्रभावी कदम उठाए जा सकें। करीब 800 बीघा फसल पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए किसानों को प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई की उम्मीद है। अब देखना होगा कि पुलिया की मरम्मत और जलभराव की आशंका को दूर करने के लिए संबंधित विभाग कब तक कदम उठाता है।
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