समावेशी विकास के लिए जल संसाधन प्रबंधन पर डॉ. अम्बेडकर के विचारों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

नई दिल्ली, जन सामना ब्यूरो। केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री सुश्री उमा भारती ने जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए घोषणा की है कि उनके जन्म दिवस 14 अप्रैल को ‘‘जल दिवस’’ के रूप में मनाया जायेगा। सुश्री भारती केंद्रीय जल आयोग की ओर से समावेशी विकास के लिए जल संसाधन प्रबंधन पर डॉ.अम्बेडर के विचारों पर आज नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहीं थीं।
मंत्री महोदया ने कहा, ‘‘आने वाले दिनों में पानी भारत सरकार का महत्वपूर्ण एजेंडा बनने वाला है।’’ सुश्री उमा भारती ने आह्वान किया कि अब समय आ गया है जब हम विचार करें कि क्या हर कार्य के लिए स्वच्छ जल का इस्तेमाल किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि संशोधित और गैर संशोधित जल का किस प्रकार से बेहतर इस्तेमाल हो।
विभिन्न प्रकार की योजनाओं में पानी की भूमिका को रेखांकित करते हुए मंत्री महोदया ने कहा कि देश में पानी की व्यवस्था में सुधार और उसका दुरूपयोग करने वालों को दंडित किये जाने की जरूरत है। केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड के पुनर्गठन के बारे में डॉ. मिहीर शाह समिति की रिपोर्ट की चर्चा करते हुए सुश्री भारती ने कहा ‘‘हमें रिफोर्म तो लाना है, लेकिन वह सर्वसम्मत होना चाहिए।’’
Jansaamna
चेन्नई, ब्यूरो। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अन्नाद्रमुक सुप्रीमो जयललिता को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके पार्थिव शरीर वाले ताबूत के समक्ष पहुंचे तो व्यथित मौजूदा मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम कई बार भावुक होकर उनके गले से लिपट गए। वहीं जब कड़ी सुरक्षा के बीच प्रधानमंत्री मोदी जब राजाजी हाॅल में पहुंचे तो वहां का माहौल बहुत ही गमगीन दिखाई दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब जयललिता के पार्थिव शरीर के समक्ष पुष्प चक्र रखकर पनीरसेल्वम की ओर बढ़े तो वह बिलखकर बिखर से गए और मोदी से लिपटकर रोने लगे। इसपर प्रधानमंत्री मोदी ने पनीरसेल्वम की पीठ पर हाथ फेरा और हिम्मत बनाए रखने के लिए कहा। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने शशिकला को ढांढस बंधाया था जो कि रो रहीं थीं। शशिकला जयललिता की करीबी रही हैं।
चेन्नई, ब्यूरो। तीन दशकों से राज्य की राजनीति का एक ध्रुव रहीं और गरीबों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने वाली लोकप्रिय नेता व तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता का निधन हो गया। उनके चहेते उन्हें ‘अम्मा’ कहते थे। ‘अम्मा’ के निधन की खबर जैसे ही लोगों को मिली वे बिलख पड़े। अपोलो अस्पताल के डाक्टरों के अनुसार 68 वर्षीय जयललिता को रविवार की शाम को गंभीर दिल का दौरा पड़ा था और सोमवार की रात साढ़े ग्यारह बजे उनका निधन हो गया। गौरतलब हो कि बिगत 22 सितंबर को अपोलो अस्पताल में बुखार और निर्जलीकरण की शिकायत के बाद भर्ती कराया था।
कानपुर, जन सामना ब्यूरो। अधिकारी / कर्मचारी स्तर से यदि कार्य में विलम्ब होगा तो उसे चार सीट अवश्य दी जायेगी। आवासीय योजनाओं में इन्फ्राटैक का कार्य स्थानीय नगर पालिकायें एवं क्षेत्र पंचायतों द्वारा किया जायेगा। मण्डल में आवासीय निर्माण कार्य जो भी पूर्ण हो चुका है उन्हें अब पात्रों में आवन्टित कर दिया जाये और यह कार्य 15 दिसम्बर से पूर्व ही सम्पन्न हो जाना चाहिये। अधिकारी सुनिश्चित कर लें कि आवंटन प्रतिक्रिया निर्धारित समय में पूर्ण हो जाये। मण्डल में 14 सेतु निर्माणाधीन हैं उन्हें युद्ध स्तर पर पूर्ण कराया जाये तथा जो भी समस्याए आ रही हैं उनको बताये ताकि उनका निस्तारण किया सकें। बैठक में अनुपस्थित विभागीय अधिकारी एवं कार्य दायी संस्थाओं के विरुद्ध कार्य वाही किये जाने के आदेश दिये।
लखनऊ, जन सामना ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि विगत 4 वर्षों में समाजवादी सरकार द्वारा कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से गांव, गरीब, किसान एवं महिलाओं आदि की भलाई के लिए गम्भीरता से काम किया गया है। उन्होंने कहा कि तकनीक का प्रयोग करते हुए योजनाओं को पूरी पारदर्शिता से संचालित किया जा रहा है, जिससे इनका लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों को मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो। सरकारी आवास पर पुत्रियों की शादी हेतु अनुदान योजना का शुभारम्भ एवं स्वीकृति पत्र वितरण कार्यक्रम के मौके पर उन्होंने बताया कि इस योजना हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 400 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। पूरे प्रदेश में अनुसूचित जाति के 60 हजार 500 लाभार्थियों के लिए 121 करोड़, अनुसूचित जनजाति के 650 लाभार्थियों के लिए 01 करोड़ 30 लाख, सामान्य वर्ग के 20 हजार 625 लाभार्थियों के लिए 41 करोड़ 25 लाख, अन्य पिछड़ा वर्ग के 77 हजार लाभार्थियों के लिए 154 करोड़ तथा अल्पसंख्यक वर्ग के 41 हजार 225 लाभार्थियों के लिए 82.45 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। इस प्रकार 2 लाख लाभार्थियों को पुत्रियों की शादी हेतु अनुदान मिलेगा।