सुमेरपुर हमीरपुर। ग्राम पंचायत बंडा के पूर्व प्रधान जनसत्ता दल के जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने जनपद के टॉप टेन अपराधी के खिलाफ गवाही देने पर जान का खतरा बताकर अपर मुख्य सचिव गृह से सुरक्षा की मांग की है।
बंडा के पूर्व प्रधान जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के जिलाध्यक्ष ने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह को पत्र भेजकर जनपद के टॉप टेन अपराधी सायर निवासी मुन्ना पट्टीदार उर्फ बलवीर सिंह तथा बंडा निवासी हिस्ट्रीशीटर महेंद्र सिंह से जान का खतरा बताकर सुरक्षा की मांग की है। पूर्व प्रधान का आरोप है कि वह मुन्ना पट्टीदार के खिलाफ बिंवार थाने में दर्ज मुकदमे में गवाह है। मुन्ना पट्टीदार के खिलाफ 59 जघन्य अपराधों के मुकदमे दर्ज हैं।
पूर्व प्रधान ने अपने पत्र में उल्लेख किया है गांव के हिस्ट्रीशीटर महेंद्र सिंह से उसकी पुरानी रंजिश है। उसके खिलाफ मुकदमा कायम है। यह दोनों अपराधी मिलकर उनकी हत्या की साजिश तैयार कर रहे हैं। पूर्व प्रधान ने अपर मुख्य सचिव से सुरक्षा की मांग की है।
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Jansaamna
रायबरेली। ऊंचाहार परियोजना में 210 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर दो के बॉयलर ट्यूब में गैस का रिसाव हो रहा था। यह रिसाव विगत दो दिन से हो रहा था। रविवार की रात रिसाव काफी बढ़ गया, जिसके बाद उच्चप्रबंधन ने सोमवार प्रातः काल करीब तीन बजे इस यूनिट को बंद कर दिया। ज्ञात हो कि बॉयलर का तापमान काफी अधिक होता है, इसलिए यूनिट को बंद करने के बाद तत्काल मरम्मत का कार्य नहीं शुरू हो पाया। यूनिट बंद होने के बाद बॉयलर के तापमान को घटाया गया। उसके बाद उसके ट्यूब की मरम्मत शुरू की गई । इससे पहले पिछले सप्ताह भी इस यूनिट के टरबाइन में खराबी आ गई थी। उस समय भी यूनिट को बंद करना पड़ा था। ज्ञात हो कि एनटीपीसी ऊंचाहार परियोजना की कुल उत्पादन क्षमता 15 से 50 मेगावाट है। अब यूनिट नंबर दो के बंद होने के बाद उत्पादन क्षमता घटकर 1340 मेगावाट रह गई है।
राजीव रंजन नागः
⇒असमंजस में राहगीर…? कोतवाल ने कहा मालूम नहीं….
⇒2860 टीबी मरीजों को लिया जा चुका है गोद
⇒किसान संघर्ष समिति ने दो दिन का दिया अल्टीमेटम
कानपुर। सड़क हादसे कम करने के लिये एक तरफ जहाँ सरकार अनेक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती रहती है जैसे-यातायात माह, यातायात सप्ताह, सड़क सुरक्षा माह आदि जिससे कि लोग सड़क हादसे का शिकार होने से बच सके, तो दूसरी तरफ बाइक कम्पनी सार्वजनिक स्थान पर ऐसा कार्यक्रम आयोजित करती दिखी जिसके आगे सरकारी आयोजन फीके पड़ते दिखे। इस दौरान स्टंटबाज, कम्पनी के प्रचार करने की आड़ में खतरनाक स्टंट करते दिखे। शायद ऐसे आयोजनों से सबक लेकर युवा भी खतरनाक ड्राइविंग करने लगते हैं!! जिससे स्वयं की जान को खतरा बना ही रहता है साथ सड़क से गुजर रहे राहगीरों की जान को भी खतरा बना रहता है।
सिकंदराराऊ।