
सामाजिक न्याय के विचार को विस्तार देते हुए इसमें प्रदूषण और स्वास्थ्य जैसे आधुनिक समाज के मानदंडों को शामिल किया गया हैः राष्ट्रपति
नई दिल्ली, जन सामना ब्यूरो। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज नई दिल्ली में 26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकार करने के वर्षगांठ के अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आयोजित संविधान दिवस समारोह का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान, स्वतंत्र भारत का आधुनिक ग्रंथ है। इसका स्थान सर्वोच्च है, लेकिन यह धाराओं तथा नियमों/उपनियमों का संग्रह मात्र नहीं है। हम भारतीयों के लिए यह प्रेरणादायी और सजीव दस्तावेज है। हमारे समाज के लिए यह एक आदर्श है।
राष्ट्रपति ने कहा कि डॉ. बी.आर. अम्बेडकर और संविधान परिषद में उनके सहयोगी बहुत उदारवादी थे। उन्होंने संविधान संशोधन के लिए लचीला रूप अपनाया और इसमें विभिन्न विचार धाराओं का समावेश किया। स्वतंत्रता, न्याय व भ्रातृत्व, निष्पक्षता तथा समानता की सीमाओं को विस्तार देने के लिए संविधान निर्माताओं ने आने वाली पीढ़ियों की बुद्धिमत्ता पर भरोसा जताया। उन्हें विश्वास था कि आने वाली पीढ़ियां न सिर्फ संविधान का संशोधन करेगी बल्कि वे बदलते समय के अनुसार इसकी पुनर्व्याख्या भी करेंगी। यदि हम संविधान की भावना के प्रति सच्चाई बरतते हैं तो यह आने वाले सभी समय में देश की सेवा करता रहेगा।
Jansaamna
इंदौर, जन सामना ब्यूरो। देश के कई राज्यों में सियासी माहौल अपने चरम है, इन राज्यों में कृषि संसाधनों से समृद्ध मध्यप्रदेश का नाम भी आता है, जिसे अपनी कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के लिए देश में अलग ही पहचान मिली हुई है। अपनी गेहूं, चना, चावल, मक्का, सरसों और अरहर जैसी फसलों में अव्वल रहने वाले मध्यप्रदेश के इंदौर शहर को सोयाबीन की मंडी के लिए भी देशभर के प्रमुख केंद्र का दर्जा प्राप्त है। लेकिन एक समृद्ध कृषि राज्य होने के बावजूद सूबे के हजारों किसान ऐसे हैं जो कुछ गंभीर समस्याओं का सामना करते हुए सड़कों पर उतर कर, आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं। राज्य में बने सियासी माहौल से इतर कुछ किसान हितैषी संस्थाए ऐसी भी हैं जिनका मानना है कि राज्य किसानों की मुख्य समस्याओं के निवारण के लिए उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाए जाने की जरूरत है।
प्रख्यात व्यंग्यकार एवं पत्रकार (पूर्व संपादक स्वतंत्र भारत/लखनऊ) अनूप श्रीवास्तव की अध्यक्षता रही
बांदा, जन सामना ब्यूरो। अतर्रा के हिन्दू इंटर कालेज में आयोजित उ0 प्र0 भारत स्काउट और गाईड की तीन दिवसीय जनपदीय रैली सम्पन्न हो गई। ब्लाक नरैनी ने दोनों वर्गों में विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। 23 से 25 नवम्बर तक आयोजित 34वीं जनपदीय मिनी बाल क्रीडा प्रतियोगिता के साथ ही जनपद स्तरीय स्काउट और गाईड प्रतियोगिता का भी आयोजन किया था। जिसमें जिले के आठ ब्लाकों में से तीन ब्लाक तिन्दवारी, नरैनी और जसपुरा की टीमों ने प्रतिभाग किया था। पहले दिन स्काउट और गाईड दलों का पंजीकरण कर टेंट लगाने के लिए कहा गया। सभी टीमों द्वारा व्यवस्थित टेंट लगाने के साथ ही अपने स्थान को डोरी और बांस की मदद से चैहद्दी बनाकर कलात्मक ढंग से सजाया गया था। अतिथियों के सम्मुख परेड को तैयार दलों द्वारा हर्षनाद कर स्काउट प्रार्थना ‘दया कर दान भक्ति का हमें परमात्मा देना‘ की गई। अतिथियों द्वारा ध्वजारोहण पश्चात मार्चपास्ट प्रतियोगिता हुई। और कुछ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये जिसमें देशप्रेम और राष्ट्रीय एकता और अखण्डता पर बल दिया गया था। भोजन चित्राम के पश्चात वर्दी प्रतियोगिता करवाई गई। उसके बाद कलर पार्टी का आयोजन किया गया। शाम को कैम्प फायर के आयोजन में दलो द्वारा सुन्दर प्रस्तुतियां दी गई।
कुछ भी हो लेकिन शौचालयों के निर्माण की जमीनी हकीकत वास्तव में कुछ अलग ही है। मंझावन की वार्ड 1 बारा दुआरी निवासी इसहाक की पत्नी अफसाना ने बताया कि मेरा शौचालय अभी चालू ही नहीं करवाया गया है और शौच के लिये मुझे खुले में जाना पड़ता है। प्रधान जी मेरी समस्या को सुन ही नहीं रहे।
सासनी/हाथरस, जन सामना ब्यूरो। सासनी-इगलास मार्ग स्थित पाठक खल के प्रतिष्ठान पर किसान गोष्ठी का आयेाजन किया गया। जिसमें कृषि वैज्ञानिकों ने खेतों में खाद बीज तथा दवाओं के बारे में जानकारियां दी। शनिवार को हुई किसान गोष्ठी में नेटसर्फ खाद कंपनी से आए किसान सलाहकार बृजेश पाठक ने बताया कि खेतों में खाद और बीज की की मात्रा कितने अनुपात में लगानी चाहिए। तथा देशी खाद किन दिनों में देना चाहिए। वहीं राजेश सारस्वत, रूपेन्द्र सिंह, एसएस यादव परिमेन्द्र गिरी ने भी किसानों को खेती के बारे में विभिन्न जानकारियो से लाभान्वित किया। इस दौरान सतेन्द्र चतुर्वेदी, विजय कुमार, मास्टर कल्लू हसन, खजान सिंह, शिव लाल, भूदेव पालीवाल, सत्य प्रकाश कुमार, महेन्द्र सिंह, कालीचरन, व्यास जी आदि मौजूद थे।