कर गई पैदा तुझे, उस कोख का एहसान है।
सैनिको के रक्त से, आबाद हिन्दुस्तान है।
हर मोह को उसने है त्यागा, तभी तो सरहद पर आज वीर जवान है।
ममता के मोह को दबाकर, चूम लिया मस्तक तेराय
कहती है माँ तो हूँ मैं पर बाद में, बेटा पहले वतन तुम्हारा।
झुक गया है देश उसके, दूध के सम्मान मेय
पुत्र मोह त्याग कर जिसने, हमें वीर दिया।
चाहती हूँ आसुओ से, पाव उसकी पखार दूं
ए शहीद की माँ, आ मैं तेरी आरती उतार लू ।
कर गईं पैदा तूझे, उस कोख का एहसान है
सैनिकों के रक्त से, आबाद हिन्दुस्तान है।

-श्वेता सिंह
ग्राम-मेदनीपूर
गाजीपुर
Jansaamna
देश भर में ऑनलाइन क्लासेस के नाम पर दिनों दिन निजी स्कूलों में फीस वसूली का खेल धड़ल्ले से जारी है। यही नहीं वो इन सबके के लिए खुलेआम अपनी आवाज़ बुलंद कर रहें है, इसी बीच इस बात को लेकर स्कूल प्रशासन और अभिभावकों के बीच तनातनी के बहुत से मामले सामने आये है। फीस वसूलने के लिए निजी स्कूल अभिभावकों को लगातार मैसेज और फोन कर रहे हैं। यही नहीं फीस जमा करने के लिए अभिभावकों को छूट का ऑफर भी दिया जा रहा है। कई स्कूलों में तो अप्रैल महीने का भी फीस भी उगाही जा रही है, जबकि अप्रैल महीने में न तो ऑनलाइन क्लासेस लगी और न ही स्कूल खुले थे।
किसी भी देश की शक्ति होते हैं उसके नागरिक और अगर वो युवा हों तो कहने ही क्या। भारत एक ऐसा ही युवा देश है। हाल ही में भारतीय जनसंख्या आयोग के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से तैयार किए गए सैंपल रेजिस्ट्रेशन सिस्टम 2018 की रिपोर्ट के अनुसार हमारे देश में 25 वर्ष से कम आयु वाली आबादी 46.9% है। इसमें 25 वर्ष की आयु से कम पुरूष आबादी 47.4% और महिला आबादी 46.3%। यह आंकड़े किसी भी देश को प्रोत्साहित करने के लिए काफी हैं। भारत जैसे देश के लिए भी यह आंकड़े अनेकों अवसर और आशा की किरणें जगाने वाले हैं लेकिन सिर्फ आंकड़ो से ही उम्मीदें पूरी नहीं होती, उम्मीदों को अवसरों में बदलना पड़ता है।
इस सम्पूर्ण ब्रह्मांड में अगर किसी ग्रह पर जीवन है तो वह हमारी पृथ्वी है जिसकी अद्भुत व अद्वितीय रचना का श्रेय प्रकृति को जाता है। प्रकृति ने हमारी पृथ्वी को सम्पूर्ण संसाधनों की समस्त समृद्धि से इस प्रकार सजाया है कि पृथ्वी की सजीवता सदैव सुदृढ़ बनी रहे। प्रकृति ने पृथ्वी के समस्त जीवों को समान अधिकार प्रदान कर रखा है वह किसी भी जीव के साथ भेद-भाव नहीं करती। उसी जीव-जगत का एक अभिन्न व अनोखा अंग मानव है जो सम्पूर्ण जीव-जगत में अपनी बुद्धि के द्वारा इस जीव-जगत की श्रेष्ठ पात्रता को हासिल किया है।
आज अपराध जगत और अपराधी इतने बेखौफ क्यो है? बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह है हमारी प्रशासनिक व्यवस्था पर, हमारी कानूनी व्यवस्था पर और हमारी सरकार पर। क्या अपराधियों के हाथ इतने लंबे हैं कि क़ानून की पकड़ से बाहर है, शासन प्रशासन मूक दर्शक मात्र है, सरकार भी मौन की मुद्रा में रहे। अवश्य ही बड़े बड़े भ्रष्ट व आपराधिक पृष्ठभूमि वाले राजनेताओं, प्रशासन के कुछ भ्रष्ट कर्मियों, पाले गए भ्रष्ट मुखबिरों व समाज के कुछ स्वार्थी भ्रष्ट दरबारी प्रवृति के चापलूस तत्वों की सरपरस्ती में अपराध जगत फलता फूलता है। अपराधी कानून व शासन के समानांतर अपनी आपराधिक गतिविधियों को लगातार अंजाम देते रहते हैं और कानून के शिकंजे से बाहर भी आते रहते हैं।
कानपुर देहात । अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्यौगिक विकास एवं आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स / जनपद नोडल अधिकारी आलोक कुमार-प्रथम व जनपद कोविड नोडल अधिकारी / विशेष सचिव, कृषि उत्पादकता आयुक्त शाखा अनुराग पटेल, जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जोगिन्दर सिंह आदि ने गजनेर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बने अस्थाई कोविड-19 एल-1 अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में एक- एक आवश्यक बिंदुओं की गहनता से जायजा लिया तथा उसे पूर्ण किए जाने का भी निर्देश दिया। नोडल अधिकारी ने एल-1 अस्पताल में वेंटीलेटर न उपलब्ध होने पर सीएमओ पर नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिये कि यहां पर एक-दो वेंटीलेटर अवश्य उपलब्ध रहे तथा आवश्यकता पडने पर उपयोग किये जाये। उन्होंनेे कहा कि इसमें जो भी मरीज रहे, उन्हें किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो यह विशेष रुप से ध्यान रखा जाये। उन्होंने सफाई कर्मियों तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम को चक्रानुसार ड्यूटी लगाए जाने का निर्देश दिया तथा उन्हें अपने दायित्वों के प्रति पूरी तरह सजग व मुस्तैद रहने को कहा।
⇒आवारा जानवरों से हर रोज तमाम लोग होते हैं घायल!