कानपुर, जन सामना संवाददाता। जिले में कोरोनावायरस से ग्रस्त मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शनिवार तक 150 से अधिक कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या हो चुकी है। सरकार लोगों से बार-बार यह अपील कर रही है कि घर पर रहें, पर लोग अभी भी बाज नहीं आ रहे हैं। यह जानते हुए भी कि कोरोना वायरस महामारी को इतने हलके में लेना खतरे से कम नहीं है फिरभी अपनी गंदी आदतों से बाज नहीं आ रहें हैं।प्रतिबंध के बावजूद शहर के जरौली फेज 2 नियर आनंद साउथ सिटी के पास प्रत्येक दिन सुबह 5 बजे से लोगों की भीड़ मॉर्निंग वॉक करने के लिए निकलती है। खांस बात यह है कि अधिकारियों के परिवारो से भी लोग नासमझी में शामिल रहते हैं। बर्रा 8 रामगोपाल चौराहा से आनंद साउथ सिटी तक रोज सुबह-शाम हजारों लोग घूमते रहते हैं। शुक्रवार को सुबह जागरूक लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी किंतु उन्होंने कोई भी दंडात्मक कार्यवाही नहीं कि जिस वजह से यहां लोगों का आना-जाना बंद ही नहीं होता है। यही कारण है कि कानपुर में दिन-प्रतिदिन कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
Jansaamna
कानपुर देहात, जन सामना ब्यूरो।
कानपुर, जन सामना संवाददाता।
कानपुर, जन सामना संवाददाता।
परिवर्तन संसार का नियम है- सामाजिक ढांचा बदलते रहता है और साथ ही परिवेश भी। सोचती हूं कि वो दौर ज्यादा अच्छा था जब मशीनों के हम बंदी नहीं थे। हम स्वतंत्र थे इस मायने में कि हम मशीनों पर निर्भर नहीं थे। हमारी अपनी ऊर्जा और समझ महफूज थी। आदमी के विकास की गति धीमी जरूर थी मगर इंसान का वजूद जरूर दिख जाता था। आर्थिक जरूरतों और विकास के मद्देनजर हमें मशीनों की प्रभुता स्वीकार करनी पड़ी है और इस बात को नकारा भी नहीं जा सकता, मगर जब रोजमर्रा का जीवन मशीनीकरण होते जा रहा हो तो मशीनीयुग या मशीनों द्वारा बंदी कहा जाना ज्यादा सही होगा। आज हर छोटी बड़ी चीज के लिए हम मशीनों पर निर्भर है। घर की सफाई से लेकर खरीदी, लेन देन, व्यापार, पढ़ाई और रिश्ते भी मशीनी युग के हवाले हो गए हैं। अक्सर मजाक में ही सही मगर एक तस्वीर वायरल होते रहती है कि घर के सदस्य एक ही कमरे में बैठे हैं मगर हर व्यक्ति अपने मोबाइल में बिजी है। जहां हंसी ठिठोली की आवाजें या आपसी बातचीत होनी चाहिए वहां एक सन्नाटा पसरा रहता है। ये सही है कि वक्त, जरूरत और परिस्थिति के हिसाब से संसाधनों में बदलाव आना जरूरी है मगर इन संसाधनों का उपयोग कैसे और कितना किया जाये इसका मापदंड भी तय किया जाना चाहिए।
कानपुर, जन सामना ब्यूरो।
कानपुर, जन सामना ब्यूरो।