कानपुर देहात, जन सामना ब्यूरो। जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा के परिणामों की घोषणा केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा कर दी गयी है। यह जानकारी देते हुए जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य योगेन्द्र भक्त ने बताया कि परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले छात्र/छात्रायें जिनका नामांकन वर्तमान सत्र 2018-19 में इस विद्यालय की कक्षा 6 में होना है की चयन सूची विद्यालय के सूचना पट पर चस्पा कर दी गयी है। चयनित अभ्यर्थियों के अभिभावक नामांकन के लिए वांछित अभिलेखों के प्रोमर्मा को नवादेय विद्यालय समिति के वेबसाइट navoday.gov.in से स्वयं डाउनलोड करके तथा उन्हें पूर्ण नामंकन के लिए इस विद्यालय में उपस्थित होंगे। परीक्षा परिणाम तथा वांछित अभिलेखों के प्रोफार्मा इस विद्यालय के वेबसाइट www.jnvkanpurdehat.in पर भी अपलोड किए जा रहे है।
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Jansaamna
कानपुर/घाटमपुर, शीराजी। कस्बे के मूसानगर रोड स्थित विकासखंड कार्यालय सभागार में नेहरू युवा केंद्र कानपुर द्वारा विकास खंड स्तरीय पड़ोस युवा संसद का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न ग्राम पंचायतों के युवाओं ने भाग लिया मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक कमल रानी वरुण ने युवाओं का आवाहन किया कि वह भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी एवं विकास रूपी योजनाओं की जानकारी आम जन तक पहुंचाएं कार्यक्रम में मौजूद जिला महामंत्री कमलेश त्रिवेदी ने युवाओं से कहा कि उन्हें देश निर्माण में अपनी भूमिका निश्चित करनी चाहिए। जिससे राष्ट्र का बेहतर निर्माण हो सके प्रशिक्षण व कार्यक्रम आयोजक वीरेंद्र कुमार शुक्ला उर्फ बच्चेशुक्ला ने युवाओं को नेहरू युवा केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन ऋषि तिवारी द्वारा किया गया कार्यक्रम में अमित तिवारी, अजय, रविशंकर, संध्या सिंह, सीमा मिश्रा, हिमांशु मिश्रा, प्रसनजीत, शिवम तिवारी, गरिमा साहनी, शेखर साहू, आलोक दुबे आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
परिवहन सहित अन्य सम्बन्धित विभागों को बेहतर ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने हेतु विभागवार सुझाव यथाशीघ्र उपलब्ध करायें: डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय
कानपुर, पंकज कुमार सिंह। तथागत गौतम बुद्ध की देसना पर आधारित पुस्तक ’सुखमय जीवन की कला’ का विमोचन किया गया। इस मौके पर मौजूद विद्वानों ने अपने विचार रखे, बीएसएनएल के पूर्व मंडल अभियंता एसबी सैनी द्वारा लिखी इस पुस्तक को मौजूद लोगों को भेट किया गया, पुस्तक के लेखक एसबी सैनी ने कहा की इस दिन की शुरुआत तथागत गौतम बुद्ध ने सारनाथ में अपने पांच शिष्यों को ज्ञान देकर की थी। तभी से गुरु शिष्य की परंपरा के साथ असादी या वर्षवास की शुरुआत हुई। आज के दिन बुद्ध की देसना के सार को समेटे पुस्तक का लोकार्पण कर खुशी रही है। उन्होंने कहा की यह पुस्तक ज्ञान के प्रकाश की किरण साबित होगी जो समाज में तर्क और विज्ञानं की ओर लोगों को अग्रसर करेगी।
कानपुर नगर, जन सामना ब्यूरो। जिलाधिकारी विजय विश्वास पन्त ने मिड डे मील की गुणवत्ता देखने हेतु श्री नगर स्थित मिड डे मिल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने यहां पर बनने वाले मसाले, तेल की पैकिंग तथा उसकी गुणवत्ता को देखा निरीक्षण के दौरान प्रयोग किये जाने वाले मसाले व तेल अच्छी कम्पनी के प्रयोग किये जा रहे थे। उन्होंने स्तेमाल होने वाले पानी को भी देखा जो साफ मिला, चावल, दाल की गुणवत्ता को देखा। आज बनी तहरी को खाकर उसकी गुणवत्ता चेक की तहरी में गाजर, आलू पड़ी थी सोया बिन की मात्रा कम थी उन्होंने कहा कि जो खाना तैयार किया जाये उसमे पड़ने वाली सभी चीज बराबर मात्रा में डालने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने तहरी को खाकर देखा जिसमें मिर्च की मात्रा ज्यादा थी उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों को खाना है। इसमें तीखा कम बनाया जाये।
कानपुर, अर्पण कश्यप। सरकारी प्राथमिक विद्यालय जहॉ बच्चे पढ़ने जाते है। अपना कल अपने आज से बेहतर बनाने के लिये मॉ बाप प्राईवेट स्कूलों की फीस न भर सकने के कारण सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ने भेजते है। लेकिन यहॉ तो नजारा कुछ और ही देखने को मिलता है, यहॉ अध्यापक बच्चों से पानी भराती है और रोज नियमावली से बदल-बदल कर बच्चे पानी भरने जाते है। अफसोस की हम बच्चों को पॉच से छः घंटे विश्वास पर स्कूल में टीचरो के भरोसे छोड़ देते है कि पढ़ लिख कर उनका कल बेहतर होगा पर यहॉ तो उन्हे पानी भरना सीखाया जाता है। वहीं कुछ स्कूलो में स्कूल प्रबधंको से इस विषय में जानकारी करने पर बताया की हमारे स्कूलों में पानी की कोई व्यवस्था नहीं हैंडपम्प था जो कि सूख गया पर क्या बच्चों से पानी भराना कहॉ तक उचित है। लेकिन सरकार की माया सरकार ही जाने दबी जुबान से टीचरों ने ही स्वयं बताया कि हैंडपम्प के लिये कई बार ऊपर तक कहा गया है, पर कोई सुनवाई नहीं हुयी है। वहीं स्कूल भवन की बात करें तो सरकारी भवन कभी भी ढ़ह सकता है छत जर्जर हो चुकी है। डर के साये में टीचर और बच्चे छत के नीचे बैठते है। या यू कहे के पैरेंटस स्वयं ही बच्चों को मौत के मुंह में भेज रहे है। पर प्रशासन कान में तेल डाले बैठी है और किसी बड़े हादसे का इन्ताजर कर रही है।