इटावा: राहुल तिवारी: किसी भी निर्वाचन को शान्तिपूर्ण निष्पक्ष ,निर्भीक वातावरण में सम्पन्न कराने में सबसे बड़ी भूमिका मतदान कार्मिको की होती है। पीठासीन अधिकारी प्रत्येक निर्वाचन की धुरी होता है और निर्वाचन आयोग ने उसे बूथ के अन्दर बहुत सारी शक्तियां प्रदान की है । बूथ के अन्दर प्रत्येक निर्णय लेने का अधिकार पीठासीन अधिकारी को है। मतदान अधिकारी पीठासीन अधिकारी के परस्पर सहयोग से बूथ के अन्दर प्रत्येक गतिविधि को वखूबी अंजाम देगे। इसलिए आवश्यक है कि आप सब अपने-अपने दायित्वों ,कर्तव्यों के प्रति सजग रहे और प्रशिक्षण को गहनता के साथ प्रत्येक कार्य को समझ लें आपको जितनी अधिक कार्यो के प्रति जानकारी होगी निर्वाचन प्रक्रिया उतनी ही आसानी से निपट जायेगी।
उक्त उद्गार उप जिला निर्वाचन अधिकारी /मुख्य विकास अधिकारी पी.के.श्रीवास्तव ने दुग्ध प्रोद्योगिकी महाविद्यालय में मेतीझील में पीठासीन ,मतदान अधिकारियों के प्रथम प्रशिक्षण के दौरान सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होने पीठासीन अधिकारियो से कहा कि वह मतदान प्रक्रिया से संबंधित सभी प्रक्रियाओ के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर ले ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई हो, पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारी आपस में टीम भावना से कार्य करें।निर्वाचन कार्य में लगाये गये सभी कार्मिक पूर्ण निष्पक्षता के साथ निर्वाचन आयोग द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करते हुए स्वतंत्र,शान्तिपूर्ण,निष्पक्ष रहकर निर्वाचन सम्पन्न कराये। मुख्य विकास अधिकारी ने कार्मिको को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन नगरीय निकाय निर्वाचन को शान्तिपूर्ण वातावरण में निर्वाचन कराने के कृत संकल्पित है। उन्होने कहा कि मतदान के दौरान किसी भी व्यक्ति को 100 मीटर की परिधि के अन्दर जाने की इजाजत नहीं होगी। मतदान केन्द्र के अन्दर कोई व्यक्ति असलाह लेकर नहीं जा सकेगा। उन्होने मतदान कार्मिको से कहा कि वह किसी का आतिथ्य स्वीकार न करें और निष्पक्ष रहकर पूरी ईमानदारी के साथ अपने दायित्वो का निर्वहन करे।
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