फिरोजाबाद। भारतीय व्यापार मंडल द्वारा महावीर नगर स्थित शिशु भारती स्कूल में आयोजित कोविड-19 जागरूकता अभियान व वैक्सीनेशन कैम्प आयोजित किया गया। जिसका शुभारम्भ महापौर नूतन राठौर ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर महापौर ने कहा कि कोरोना तभी हारेगा जब हम सभी वैक्सीन लगवाएंगे। उन्होंने निर्धारित आयु वर्ग के सभी युवा व बुजुर्ग लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगवा लेने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने वैक्सीन रूम का निरीक्षण किया। साथ ही कोरोना वॉरियर्स की सराहना की। शिविर में 50 लोगों ने वैक्सीनेशन कराया। इस दौरान डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, डॉ. अनिल शुक्ला (डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर), डॉ. संजीव वर्मा, डॉ. पंकज कुमारी, डॉ. सपना तिवारी, सुनील मिश्रा (पार्षद), भारतीय व्यापार मंडल के पदाधिकारीगण हरीओम शर्मा, अनुराग शर्मा, अजीत कुमार अग्रवाल, ऋचा जिंदल आदि मौजूद रहे।
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Jansaamna
फिरोजाबाद।
अमेरिकी राश्ट्रपति जो बाइडेन ने भी हाल ही में लैब से वायरस के लीक होने की थ्योरी सहित कोरोना की उत्पत्ति कैसे हुई, इसकी जांच करने के लिए दोबारा प्रयास करने कें आदेश दिए हैं। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बीती 26 मई को अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को आदेश दे दिया है कि वे कोरोना के स्रोत का पता लगाने के लिए गहराई से जांच कर 90 दिनों में उनके समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करें। हालांकि चीन ने वुहान लैब से वायरस के लीक होने की थ्योरी को अत्यन्त असंभव कहकर खारिज कर दिया है और अमेरिका पर राजनीतिक हेरफेर का आरोप लगाया है। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलियन ने 8 जून को व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि हम अपने अन्तरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ चीन पर पारदर्शिता बरतने के लिए दबाव डालते रहेंगे और इसके साथ ही हम अपनी जांच प्रक्रिया भी जारी रखेंगे।
बदायूँ।
आंख में ज्वाला और सीने में त्रिशूल रखते हैं;
बाल श्रम के खिलाफ हर साल 12 जून को ‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’ मनाया जाता है। पहली बार यह दिवस वर्ष 2002 में बाल श्रम को रोकने के लिए जागरूकता और सक्रियता बढ़ाने के लिए शुरू किया गया था। बाल श्रम इतनी आसान समस्या नहीं है, जितनी लगती है। बच्चों को उनकी इच्छा के विरुद्ध किसी भी प्रकार के काम में शामिल करने का कार्य है बाल श्रम, जो उनके मौलिक अधिकारों को बाधित करता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 24 के अनुसार चौदह वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे को किसी कारखाने या खदान में या किसी खतरनाक रोजगार में नियोजित नहीं किया जाएगा। बाल श्रम की समस्या केवल भारत तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह पूरे विश्व में प्रचलित है। यह समस्या अफ्रीका और भारत सहित कई अविकसित या विकासशील देशों में प्रमुख है। बाल श्रम एशिया में 22 फीसदी, अफ्रीका में 32 फीसदी, लैटिन अमेरिका में 17 फीसदी, अमेरिका, कनाडा, यूरोप और अन्य धनी देशों में 1 फीसदी है।
कानपुर।
फर्जी आरटीओ बनकर हाईवे पर चेकिंग के नाम पर करते थे ठगी, तीनों आरोपियों से 45 हजार रूपए बरामद