चौबेपुर थाना क्षेत्र में अवैध खनन की चर्चा
स्थानीय लोगों की मानें तो पुलिस की सह पर हो रहा अवैध खनन
रात्रि 10 बजे के बाद शुरू होता है अवैध खनन का कार्य
कानपुर, जन सामना ब्यूरो। चौबेपुर थाना क्षेत्र में अवैध खनन हो रहा है और इसे स्थानीय पुलिस भी स्वीकार कर रही है। स्थानीय सूत्रों की मानें तो रात्रि में 10 बजे के बाद अवैध खनन के कार्य किया जाता है।
थानाध्यक्ष चैबेपुर के मुताबिक अवैध खनन के आरोप में बिगत दिनों पूरा गनू निवासी अजय सिंह पुत्र देश राज यादव का एक ट्रैक्टर पकड़ा गया और उसे सीज किया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि अजय के पास दो ट्रैक्टर हैं जिनमें से एक को सीज किया गया, जबकि एक ट्रैक्टर नहीं पकड़ा जा सका है।
वहीं अजय सिंह के भाई चन्द्रपाल सिंह यादव ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। चन्द्रपाल के अनुसार वो अपने निजी कार्य हेतु बालू खरीद कर ले जा रहे थे और बालू खरीद की रसीद भी उनके पास थी, लेकिन पुरानी खुन्नश के चलते उसके ट्रैक्टर को पुलिस ने सीज कर दिया। उन्होंने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने ही उनके ट्रैक्टर की बाॅडी नम्बर व चेसिस नम्बरों को थाने में नष्ट करवा दिया है जिससे उनका ट्रैक्टर न्यायालय से भी नहीं छूट पायेगा।
Jansaamna
कानपुर, जन सामना संवाददाता। छोटा मंगलपुर गांव में अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा, कानपुर नगर इकाई ने राहत सामग्री वितरण की।
कमल मिश्रा की विशेष रिपोर्ट:-
कानपुर नगर, कमल मिश्रा। दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में शिक्षा विभाग द्वारा व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विषय स्कूल इंटर्नशिप कनेक्टिंग थ्योरी ऑफ टीचिंग टू द प्रैक्टिस ऑफ टीचिंग पर चर्चा की गयी। मुख्य वक्ता डा0 मनीष कुमार ने विस्तार पर विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किया कि छात्राओं को इंटर्नश्ज्ञिप करते समय थ्योरी और प्रशिक्षण के मध्य किस प्रकार समन्वय स्थापित करे। छात्राओं ने भी र्चा में बडे उत्साह से भाल लिया। इस दौरान डा0 गीतांली, तथा बीएड विभाग की समस्त प्रवक्ताओं ने भाग लिया जिसमें डा0 सबीहा अंजुम, बीनू आनंद, डा0 ऊषा शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
कानपुर, जन सामना संवाददाता। एटा में स्कूली बस पलटने से कई बच्चों की जान चली गयी थी। हादसे के बाद हमेशा की तरह प्रशासन की नींद टूटी लेकिन जल्द ही प्रशासन फिर सो गया। बच्चों के प्रति स्कूल प्रबंधन और जिला प्रशासन संवेदनशील नही है। नतीजा यह कि एक बार फिर बीते सोमवार को हुए हादसे कई बच्चों की जान पर आफत आती दिखी। कानपुर के ककवन में स्कूली बस पलट गयी थी जिसमें लगभग दो दर्जन बच्चे सवार थे। ककवन में हुए हादसे में बस चालक की ही लापरवाही सामने आ रही है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों यह बस चालक बस चलाने में पूरी तरह निपुण होते भी या नहीं। चालक को रखने से पहले केवल इनके लाइसेंस को ही देखा जाता है या यह भी परखा जाता है कि इन्हे बस चलानी भी आती है या नहीं। फिलहाल कुछ भी हो लेकिन स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के कारण आये दिन ऐसे हादसे सामने आते है, इसमें नन्हे-मुन्नो की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है। पिछले हुए हादसे के बाद कुछ समय के लिए सख्ती की गयी थी लेकिन समय बीतने के बाद फिर सबकुछ वैसा ही हो गया।
चन्दन जायसवाल व स्वप्निल तिवारी की रिपोर्ट-
देश के पांच राज्यों में विधान सभा चुनावों में अपनी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए राजनैतिक दलों की नैतिकता पर प्रश्नचिन्ह लगता दिख रहा है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना तो दिख ही रही है लेकिन विकास के मुद्दों से भटकते हुए भी सभी दल दिख रहे हैं। चुनावी रैलियों में हो रही भाषणवाजी से तो यही जाहिर हो रहा है कि नेताओं को विकास की बात करते हुए शायद अपनी कुर्सी पक्की नहीं नजर आ रही बल्कि अपशब्दों व बेमतलब के बयानों को पेश कर जनता के दिलोदिमाग को भटाकाने का प्रयास करने में जरा भी संकोच नहीं कर रहे। बेमतलब की बयानवाजी राज्यस्तरीय नेता ही नहीं कर रहे बल्कि देश के प्रधानमंत्री जी भी कर रहे हैं।
जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने किया विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारम्भ।